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रविवार, 7 मई 2017

जल है तो कल है नही तो सूखा नल है

फतेहपुर, शमशाद खान । पानी की बर्बादी पर अंकुश लगाने के लिए सरकार जन-जन तक संदेश पहुंचाने के लिए विभिन्न तरीकों से अभियान चला रही है किन्तु शहर मे पानी की बर्बादी के लिए एक फैशन सा बन गया है। कहीं लोग पानी के लिए नलों मे बाल्टियां लेकर घंटों लाइन मे लगे रहते है तो कहीं रईशजादे पानी का इस कदर दुरूपयोग करते हैं कि पड़ोस वाले घर मे बूंद भर पानी नही पहुंचता है। पानी की बर्बादी के मामले मे शहर के अमरजई मोहल्ले मे कुछ लोगों को महारत हाशिल है। उनको पानी बर्बाद करने का सिर्फ शौक है। सुबह शाम पानी का उपयोग करने के बजाए उसको सड़क पर अथवा नाली पर घंटों बहाते रहते हैं और यदि किसी ने टोक दिया तो बड़े आसान लहजे मे जवाब देते हैं कि रोड़ मे धूल उड़ती है और नाली मे कीचड़ जमा हो जाता है जिसको साफ करना मजबूरी है।
शहर मे यदि पानी की बर्बादी पर इनाम दिया जाये तो अमरजई मोहल्ले मे लगभग आधा दर्जन ऐसे लोग हैं जिनको यह हक प्राप्त हो सकता है। पानी की बर्बादी करने वाले लोगों को शायद इस बात का एहसास नही है जिस जल से वह सड़क को तर कर रहे हैं और नाली को भर रहे हैं उतना बर्बाद होने वाले पानी से कई घरों के लोगों के गले भी तर हो सकते हैं किन्तु यहां पर तो वहीं कहावत चरितार्थ हो रही है कि तू मर मगर हम तो सड़क करेगे तर। नगर पालिका प्रशासन को चाहिए कि पानी की बर्बादी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही करे जिससे पानी की बर्बादी करने वालों पर पूरी तरह से अंकुश लग सके।  

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