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रविवार, 14 मई 2017

फिर माफियाओ के शिकंजे में मोरम खनन

up-mp के नेताओ अफसरों की मिलीभगत से खनन चालू
गुण्डाटैक्स बढ़ने से मोरम के बढ़े दाम, आम उपभोक्ताओं की पहुंच से दूर
मप्र के पट्टे पर up में हो रहा खनन, भारी मशीनों के भय से जीवजंतु नदी छोड़कर भागे

बाँदा, के एस दुबे -  करीब तीन महीने की रोक के बाद  बाँदा जिले से सटे मप्र की सीमा में इसी हफ्ते जब मोरम खनन कार्य शुरू हुआ तो तमाम बंदिशों के साथ शासन सत्ता से जुड़े up,mp के नेताओ की लंबी फेहरिश्त ने मोरम के भाव इतने बढ़ा दिए कि केन नदी की मोरम अब आम आदमी की पहुंच से दूर हो चुकी है। बताते है कि एक ट्रक की निर्धारित मात्रा का मूल्य करीब 4500 रुपया 350 घनफिट है किंतु सत्ता सरकार से जुड़े नेताओ और पट्टा धारको की मनमानी के चलते गुंडा टैक्स व अन्य खर्च मिलाकर एक ट्रक का मूल्य 15 हजार रुपये बैठता है। इस प्रकार से 100 घनफिट मोरम य एक ट्रैक्टर मोरम 5 हजार रुपए के करीब बैठती है। जबकि सरकारी तौर पर नदी से निकली मोरम 150 रुपये प्रति घन मीटर बताई गई है। ऐसे हालातो में यह कैसे माना जाए कि मोरम खनन का कार्य पिछली सरकारों की अपेक्छा योगी सरकार में ठीक ही होगा।ऊपर से नदियों में पानी के भीतर बड़ी बड़ी मशीनों के जरिये रहे खनन तथा mp के बहाने up में हो रहे खनन को कैसे सही कहा जायेगा।जानकारी तो यह भी हुई है कि सत्ताधारी नेताओ की हनक के बल पर एन0जी0ई0टी0 सहित न्यायालयों की गाइड लाइन का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन हो रहा है।
खबर सूत्रों पर आधारित

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