AMJA BHARAT एक वेब न्‍यूज चैनल है जिसे कम्‍प्‍यूटर, लैपटाप, इन्‍टरनेट टीवी, मोबाइल फोन, टैबलेट इत्‍यादी पर देखा जा सकता है। पर्यावरण सुरक्षा के लिये कागज़ बचायें, समाचार वेब मीडिया पर पढें

रविवार, 7 मई 2017

शराब ठेके महिलाओं ने बोला धावा, आग लगाने की दी चेतावनी

फतेहपुर, शमशाद खान। बिहार राज्य की तर्ज पर प्रदेश में पूर्णतः रूप से शराब पर प्रतिबन्ध लगाये जाने की मांग विभिन्न राजनैतिक दलों एंव समाजसेवी संगठनों द्वारा अनवरत उठायी जा रही है। लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा इस ओर कोई कदम न उठाने से लोगो में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है और जनता अपने हाथो में कानून लेकर शराब की दुकानो पर हल्ला बोलकर बन्द कराने का काम कर रही है। इसी क्रम में आज सदर कोतवाली क्षेत्र के तुरावली का पुरवा मोहल्ला में मन्दिर के नजदीक और घनी आबादी के बीच सरकारी देशी शराब के ठेके को बन्द कराने के लिये महिलाओ ने हाथो में डण्डा व ईटा लेकर धावा बोल दिया और ठेके में ताला बन्दी कर दी। सूचना पर पहुची पुलिस भी आक्रोशित महिलाओ को शान्त कराने मेें नाकाम रही। शनिवार को शहर के तुरावली का पुरवा मोहल्ला की सैकडो महिलाओ ने पहले कलेक्ट्रेट पहुचकर मन्दिर के निकट एवं आबादी के बीच की देशी शराब की दुकान को बन्द कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के नाम सम्बोधित ज्ञापन को एएसडीएम को सौपा और तत्काल दुकान बन्द कराने की बात कही ज्ञापन के पश्चात वापस पहुचकर दुकान मे आक्रोशित महिलाओ ने हाथो में डण्डा व ईट लेकर शराब की दुकान में धावा बोल दिया और दुकान का बोर्ड उखाडकर फेकते हुये शटर बन्द कर ताला बन्दी कर दी और जमकर प्रशासन विरोधी नारेबाजी करते हुये ठेके का स्थानान्तरण किये जाने की आवाज बुलन्द की। इस दौरान महिलाओ का कहना रहा कि घनी आबादी व मन्दिर के नजदीक शराब का ठेका होने से बच्चो में गलत असर पड रहा है साथ ही मन्दिर मे जाने वाले महिलाओ के साथ भी अभ्रदता की जाती है आबादी के अन्दर शराब की दुकान की बजह से उनके घर के मुखिया दिन रात शराब पी कर महिलाओ का उत्पीडन करते है और आये दिन झगडा फसाद होता रहता है यदि आबादी के अन्दर से दुकान का स्थानान्तरण कर दिया जायेगा तो घर के मुखिया व बच्चो पर खराब असर नही पडेगा। साथ ही आक्रोशित महिलाओ ने प्रशासन को चेतावनी दी की यदि अतिशीघ्र दुकान का स्थानान्तरण न किया गया तो महिलाये कठोर कदम उठाते हुये ठेके को फूकने का काम करेगी। इस मौके पर कुसुमकली, सरिता देवी, पूनम, विमला देवी, शिवकुमारी, लक्ष्मी देवी, मालती, रामकली, सुनीता, शोमवती, सुमित्रा, सीमादेवी, रामदुलारी, सीता देवी, शिवा, विनय रेनू, गीता देवी, रूपरानी, बीनू, कमला देवी, कल्पना देवी, किरन देवी, सीता आदि मौजूद रही। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Advertisement

Advertisement

लोकप्रिय पोस्ट