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रविवार, 7 मई 2017

आईपीएल के नाम पर पुलिस की साठगाठ से चल रहा करोडो का सट्ठा

फतेहपुर, शमशाद खान। फटाफट क्रिकेट के छोटे प्रारूप आईपीएल 20-20 के शुरू होते ही शहर सहित जनपद के अन्य ग्रामीणांचलो में नवजवानों द्वारा करोड़ो रूपये का सट्ठा लगाया जा रहा हैं इन सटटेबाजों के तार राजधानी दिल्ली, मायानगरी मुम्बई सहित अन्य महानगरों से जुड़े हुये है। विगत दिनों पुलिस द्वारा तीन छुटभईये सट्ठेबाजों का गिरफ्तार कर गुड वर्क दिखाया गया था लेकिन बड़े सट्ठेबाजों (बुकी) से पुलिस की सांठगांठ होने के चलते उनकी गिरफ्तारी न होने पर पुलिस बैकफट पर ही नजर आ रही है। बताते चलें कि आईपीएल 20-20 के शुरू होते ही शहर क्षेत्र के हरिहरंगज, पीरनपुर, चैक, पनी, मसवानी, मुराईटोला आदि स्थानों पर करोड़ो रूपये का सट्ठा प्रतिदिन लग रहा है। इन सट्ठेबाजों द्वारा बकायदे पुलिस से सांठगांठ कर ली जाती है। सूत्र बताते है कि इन बड़े सट्ठेबाजों (बुकियो) द्वारा तयशुदा रकम पुलिस मोहकमें को दी जाती है। जिसके चलते इन सट्ठेबाजों की सटटे की दुकान बदस्तुर संचालित होती हैं विगत दिनों शहर क्षेत्र के न्यू खुशवक्तराय नगर से मुखबिर की सूचना पर पुलिस द्वारा तीन छुटभईयें सट्ठेबाजों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस फूली नही समा रही। लेकिन बडे सट्ठेबाजों के तार लखनऊ कानपुर, इलाहाबाद, बनारस सहित राजधानी दिल्ली व मायानगरी मुम्बई के अलावा अन्य महानगरों से जुड़े हुए हैं इन सट्ठेबाजों द्वारा बकायदे मोबाइल व लैपटाप के माध्यम से सट्ठा लगवाया जाता है। सट्ठा लगवाया जाता है। सट्ठे में लगायी गयी रकम के एवज में टीम, खिलाडियों व एक-एक गेंदों के ऊपर लगायी गयी रकम के माध्यम से लेनदेन किया जाता है। शातिर दिमाग सट्ठेबाज मैच शुरू होने के पूर्व ही सटटा खेलने वालों से सम्पर्क साधकर उनके द्वारा पसंदीदा टीमों पर लगायी गयी रकम की जानकारी हासिल कर ली जाती है। जिसके बाद कुकियों द्वारा खिलाड़ियों से बराबर मोबाइल के जरिये सम्पर्क साधकर रकम घटवाने का बढ़वाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इतना ही नही मोटी रकम लगवाने वाले बुकियों द्वारा सटोरियों से सम्पर्क बनाये रखने के बाद खिलाड़ी, एक-एक गेंद व एक-एक रन पर रकम लगवाये जाने का मामला चलता रहता है। पुलिस द्वारा बड़े बुकियों पर कार्यवाही न किया जाना अपने अपने कई सवाल खड़े करता हैं जबकि सूत्र बताते है कि इन बड़े बुकियों के नामों व ठिकानों की जानकारी संबन्धित थाना व चैकियों के प्रभारियों को रहती है। 

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