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रविवार, 7 मई 2017

अग्निशमन केन्द्र जूझ रहा संसाधनों की कमी से

फतेहपुर, शमशाद खान । जनपद के बिन्दकी तहसील क्षेत्र मे स्थापित अग्निशमन केंद्र कुछ संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। और संसाधन ना होने का दर्द यहां का हर जवान अपने सीने में पाले हुए है तहसील क्षेत्र का यह इकलौता अग्निशमन केंद्र 8 थानों में घटने वालों आग लगने की घटनाओं से एक गाड़ी को लेकर जूझ रहे है। यहां से 50 किलोमीटर दूर जब जब जमूना के तलहटी क्षेत्रों में आग लगने की कोई घटना होती है तो यहां से अग्निशमन केंद्र की गाड़ियों को यहां तक पहुंचने में घंटों लग जाते है। जवानों से लेकर चालक तक की कमी के बावजूद अग्निशमन विभाग कंडोम गाड़ियों को आग लगने पर दोहरा रहा है। अगर यही गालियां ठीक हू तो सही समय पर घटना स्थल पर पहुंच जाएं और शायद लाखों रूपए का नुकसान हजारों रूपए तक ही में सीमित रह जाए लेकिन ऐसा नही हो पा रहा है क्यो कि यह कंडम व पुरानी गाड़ियां धीरे-धीरे चलती है और रास्ते पर गाड़ियों में तकनीकी खराबी आ गई तो घटना इस तक तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है तब तक पीड़ित परिवार या पीड़ित किसान के खेतों के फसल व घरेलु घरेलु सामान जलकर राख हो जाता है नगर के अग्निशमन केंद्र की हालत बहुत ही खस्ता है यहां तक की गाड़ियों में लगे टैंक पर भरने के लिए पानी भी इस अग्निशमन केंद्र में उपलब्ध नही है अग्नि शमन के के जवान एक कोल्ड स्टोर से या किसी निजी ट्यूबबेल से मांग कर पानी लाते है विषम परिस्थितियों में अगर बिजली नही है तो यह लोग नहर या नदियों में पानी की तलाश करते है और इतनी परेशानियां उठाकर भी अपने काम को अंजाम दे रहे है इतने बड़े भूभाग के लिए जहां इस केंद्र को सिर्फ एक गाड़ी के सहारे ही डरना पड़ रहा है वही कभी कभी इन जवानों को ग्रामीणों का कोष भजन भी बनना पड़ता है इन गर्मियों के मौसम में जब आग लगने की घटनाएं भी ज्यादा घटित हो रही है। तो ऐसे में अग्निशमन दल के जवानों को सबसे कड़ी परेशानी पानी की तलाश करने में होती है यह अग्निशमन दल के जवान एक गाड़ी के सहारे ही 8 थानों के क्षेत्र में आने वाले गांवों की एवं कस्बों की एवं नगर की आग बुझाने के काम को अंजाम देने की कोशिश करते है। प्रशासनिक लापरवाही के चलते एवं विभागीय लापरवाही के चलते एवं विभागीय उदासीनता के चलते इतने बड़े क्षेत्रफल और इतने बड़े भूभाग को सिर्फ एक गाड़ी के सहारे छोड़ देना भगवान भरोसे छोड़ना ही कहा जाएगा। 

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