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बुधवार, 28 जून 2017

आसमान से बरसती आग से लोगों का जीना हुआ मुश्किल

फतेहपुर, शमशाद खान । बीते कई माह से पड़ रही प्रचंड गर्मी के बाद जून माह बीतने को भी एक दिन बचे हैं और बारिश के दगा देने से लोगों का धैर्य भी जवाब दे रहा है। बारिश की आस में लोग रोज आसमान तो ताकते हैं लेकिन उन्हें नाउम्मीदी ही हाथ लग रही है। भीषण उमस और आसमान से बरसती आग ने अब लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालत इस कदर रही कि सुबह से ही गर्मी ने इंतहा कर दी। हवा न चलने से लोगों का पूरा समय पसीना बहाते गुजर रहा है। बारिश न होने से एक-एक दिन काटना मुश्किल है। एक पखवारे से बढ़ रहे पारे से बेहाल लोगों के बीच मची अकुलाहट उनकी उलझनों को बयां करती रही। बुधवार को प्रचण्ड गर्मी के साथ उमस ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया। सुबह से ही उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा था। आलम ऐसा कि दिन के 10 बजे से आसमान से आग बरसने लगी। ऊपर से पूर्वा हवा ने उमस बढ़ा दी। दोपहर होते-होते 1 बजे तक पारे ने लोगों को बेहाल कर दिया जिससे लोग बुरी तरह परेशान हो गए। बाहर की कौन कहे, घरों की तपती दीवारे व छतें भी लोगों को बेहाल किये रहीं। घरों मे गर्मी से बचने के उपाय के लिये लगे कूलर-पंखे भी जवाब दे रहे हैं। आवश्यक कार्यों से घरों से बाहर निकलने वाले तेज धूप से बचने के लिए सिर व मुंह को अंगौछे से बांधकर निकलना मजबूरी बना हुआ है। उमस भरी गर्मी से बचने के लिए छोटे-छोटे बच्चे किसी भी समय नहाने से नही चूक रहे। भीषण उमस भरी गर्मी का आलम यह है कि इंसान तो इंसान जानवर भी परेशान है। सड़क किनारे पालिका परिषद के खड़े टैंकर से गिर रहे पानी को देख गाय भी खुद को नहीं रोक सकी और प्यास बुझाने के लिये टोंटी मे अपना मुंह लगा दिया। मौसम की तल्खी और गर्म हवाओं के थपेड़ों के चलते दोपहर में सड़कों की हलचल थम सी गई। लोग जहां-तहां छांव पाकर ठहर गये। बहुतेरे लोग शर्बत व शीतल पेय की दुकानों मे पनाह लिए नजर आए। गर्मी में बर्फ की मांग बढ़ने के कारण गले को तर करने मे सहायक इस साधन का दाम भी अधिक हो गया है। पूर्वा हवा चलने के कारण बढ़ी गर्मी व उमस के चलते जनजीवन बेहाल रहा। फिलहाल लोग सूरज की तपन और गर्म हवा से झुलसने को विवश है। जून माह बीतने को है लेकिन बारिश के कोई आसार नहीं आ रहे जिससे लोगों की बेचैनी बढ़ती जा रही है।  

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