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मंगलवार, 10 अप्रैल 2018

शहर से गांव तक मुशीबत बनी पानी की किल्लत

फतेहपुर, शमशाद खान । गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है जिससे जलस्तर नीचे खिसक रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण आंचलों के अधिकतर गांवो मे हैण्डपंप पानी देना बंद कर दिया हैं या फिर ज्यादातर रिबोर की स्थित में हैं। ओवरहैंड टैंक के नलकूपों की हालत कमोवेश इसी तरह है। सबसे अधिक किल्लत यमुना कटरी के ब्लाकों में हैं, यहां पानी की समस्या से आम जनमानस बेहाल है। हालत यह है कि गांव के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। पानी के लिए झगड़े की नौबत है। बावजूद इसके जल निगम विभाग समेत जिम्मेदार विभागों के अधिकारी गंभीर समस्या पर ध्यान नही दे रहे हैं। जबकि जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने गर्मी मे किसी भी तरह से पानी की कमी शहर से लेकर गांव तक नही हो सके इसके लिए बकादा टीम गठित कर निर्देशित कर दिये हैं इसके बावजूद भी लापरवाह अधिकारियों की मनमानी के चलते शहर से लेकर गांव तक लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं और लोग झगड़े तक करने मे उतारू हो जाते हैं। घरों में लगे हैण्डपंप मार्च माह मे पानी उगलना बंद कर दिया था। सरकारी हैण्डपंपों से ग्रामीण किसी तरह प्यास बुझा रहे थे लेकिन अचानक यह हैण्डपंप भी दगा दे गए। जिले के विभिनन ग्रामसभाओं में लगे करीब हजारों हैण्डपंप खराब हैं, इनमे आधे से अधिक रिबोर की स्थित में हैं। जो हैण्डपंप मरम्मत करा कर चलाए जा सकते हैं। ग्राम प्रधान किनारा कस रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रधान टाल मटोल कर मामले से कन्नी काट रहे हैं। कई ग्राम सभाओं में पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण चंदा करके हैण्डपंप बनवाने पर मजबूर हैं। कुछ ग्राम सभाओं में ग्राम समूह पेयजल योजना से बने अवर जलाशय भी ग्रामीणों की प्यास बुझाने में अक्षम साबित हो रहे हैं। योजना के नलकूप वर्षों से खराब है, क्षतिग्रस्त पाइप लाइन के कारण टोटी तक पानी नही पहुंच पाता है। इसी तरह शहरी क्षेत्र के कई इलाकों मे जल स्तर घटने से बूंद-बूंद पानी की दिक्कत से लोगों को जूझना पड़ रहा है।  

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