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बुधवार, 13 जून 2018

कृषि राज्यमंत्री के क्षेत्र मे दूषित पानी पीने को मजबूर वाशिंदे

फतेहपुर, शमशाद खान । आजादी से पहले जिला होने का गौरव प्राप्त जनपद के खागा तहसील क्षेत्र के हथगाम ब्लाक के अंतर्गत ग्राम सेमरहा के बाशिंदे आज भी मूल भूत सुविधाओं से महरूम है। लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। गाँव में लगे अधिकतर हैंडपंपों से दूषित पानी निकल रहा है जिसे पीकर लोग संक्रामक बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं। विधायक व प्रदेश सरकार के कृषि राज्य मंत्री का विधानसभा क्षेत्र होने के बाद भी क्षेत्र का इस कदर पिछड़ा होना दुर्भाग्य की बात है। बताते चले कि जिले के खागा तहसील के हथगाम ब्लाक के सेमरहा गांव के निवासी पेयजल समस्या से पीड़ित है गाँव मे लगे अधिकतर हैण्डपम्पों से गंदा एवं प्रदूषित पानी आता है जिसे पीने के लिये लोग मजबूर है वहीं एक्का दुक्का ही हैण्डपम्प सही है जहाँ पानी के लिये लोगो को सँघर्ष करते हुए देखा जा सकता है घण्टो लाइन लगाने के बाद भी हैंडपंप से साफ पानी मिल पाये यह जरूरी नही है दो चार बाल्टी पानी देने के बाद हैंडपंप पानी देना बन्द कर देता है । अगर ज्यादा प्रयास करने के बाद भी जो पानी निकालता तो है उसे इंसान तो क्या जानवर भी यदि पी ले तो बीमार हो जाए। परन्तु स्थानीय विधायक व जिले के अधिकारियों की अनदेखी से पूरा गांव दूषित पानी पीने को मजबूर है। यह हाल गांव के एक दो नही बल्कि लगभग 25 हैंडपंपों का है जहाँ दूषित जल निकल रहा है परंतु क्षेत्रीय विधायक एवं प्रशासन इस समस्या पर ध्यान नही दे रहे शायद इन्हें किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना रहा की हम लोगों ने क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश सरकार के कृषि राज्यमंत्री से मिलकर समस्याओं से अवगत कराते हुए पानी की टंकी के निर्माण की मांग की थी लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान नही दिया साथ ही कहना रहा की यदि गांव में पानी की टंकी का निर्माण कर दिया जाए तो लोगो को पीने के लिए साफ पानी मिलने लगेगा। परन्तु चुनाव जीतने के बाद इस गांव में लोगो की समस्या क्या है उनको इससे कोई मतलब नही। उन्होंने सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ से गाँव में पानी की टंकी बनाये जाने की मांग किया। इस बाबत गांव के प्रधान शिव प्रसाद ने बताया कि पीने के पानी की समस्या के लिये कई बार तहसील स्तर के अधिकारियों से लेकर उच्चाधिकारियों तक को लिखित रूप से अवगत कराया गया है। परन्तु गांव के बारे में तो शासन और प्रसाशन की ओर से ध्यान नही दिया गया। शायद प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार रहा है।

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