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गुरुवार, 21 जून 2018

एटीएम फ्राड गैंग का पुलिस ने खुलासा कर दो को किया गिरफ्तार

फतेहपुर, शमशाद खान । साइबर क्राइम के जरिए एटीएम धारकों से फ्राड करने वाले गैंग का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा मे विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, बाइक समेत नगदी बरामद कर जेल भेज दिया।
गुरूवार को पुलिस लाइन के सम्मेलन कक्ष मे पत्रकारों से बातचीत करते हुए पुलिस अधीक्षक राहुल राज ने बताया कि पिछले काफी समय से साइबर क्राइम के जरिए एटीएम फ्राड द्वारा जनमानस को ठगकर रूपये निकालने व तकनीकी प्रयोग कर राष्ट्रीयकृत बैंकों को चूना लगाने वाले गिरोह के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था। जिस पर कोतवाली पुलिस को उस वक्त सफलता हासिल हुयी जब शहर के एसबीआई मुख्य शाखा के सामने एटीएम बूथ के बाहर दो संदिग्ध व्यक्ति से पूंछतांछ की गयी तो मालूम चला कि एटीएम फ्राड गैंग के सदस्य हैं जिनकी तलाशी लेने पर विभिन्न बैंकों के 26 एटीएम कार्ड 55 हजार रूपये, तीन सैमसंग कम्पनी के मोबाइल, पीली धातु की चैन, अपाचे मोटर साइकिल बरामद की गयी। पकड़े गये अभियुक्त दीपक यादव पुत्र हरिशंकर यादव निवासी करबिगवां थाना नर्वल जनपद कानपुर व देशराज विश्वकर्मा पुत्र स्वामीदीन विश्वकर्मा निवासी ग्राम बलीपुर थाना गाजीपुर है जिनसे पूंछतांछ मे पता चला कि इनके गैंग मे अन्य कई सदस्य सामिल हैं जो तकनीकी का प्रयोग कर राष्ट्रीयकृत बैंकों को लाखों का चूना अन्य जनपदों मे लगा रहे हैं जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गयी हैं। पुलिस अधीक्षक राहुल राज ने बताया कि अभियुक्तों द्वारा किसी भी बैंक के एटीएम कार्ड को एटीएम मशीन मे डालकर पैसा निकालने की प्रक्रिया की जाती है जैसे ही एटीएम मशीन से पैसा स्कैन होकर बाहर आता है तो अभियुक्तों द्वारा ऊपर व नीचे की नोट को छोड़कर बीच की नोट को पकड़कर खींच लिया जाता है। एटीएम बूथ पर ट्रान्जिक्शन इनकम्पिलीट होना बताया जाता है। अभियुक्तगणों के द्वारा टोल फ्री नम्बर पर ट्रान्जिक्शन फेल व इनकम्पिलीट होने की शिकायत दर्ज करायी जाती है जिस पर बैंक द्वारा उसी एटीएम कार्ड के खाते मे पूरा पैसा वापस कर दिया जाता है। इस प्रकार एटीएम को हैक करके धोखाधड़ी व तकनीकी का दुरूपयोग करके राष्ट्रीयकृत बैंकों को चूना लगाते हुए धनराशि निकाल लिया जाता है। पुलिस अधीक्षक राहुल राज ने यह भी बताया कि पकड़े गये अभियुक्तों द्वारा यह कार्य पिछले काफी दिनों से किया जा रहा था जिससे बैंकों को लाखों रूपये की क्षति पहुंचायी गयी है। उन्होनें बताया कि गैंग का खुलासा करने वाली टीम मे सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार सिंह, निरीक्षक वीरेन्द्र सिंह यादव, उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिंह, कां0 सुनील कुमार सिंह व इन्द्रजीत यादव सामिल रहे। टीम को उनके द्वारा पांच हजार रूपये का पुरूस्कार देने की घोषणा कर उत्साहवर्धन किया गया है। 

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