AMJA BHARAT एक वेब न्‍यूज चैनल है जिसे कम्‍प्‍यूटर, लैपटाप, इन्‍टरनेट टीवी, मोबाइल फोन, टैबलेट इत्‍यादी पर देखा जा सकता है। पर्यावरण सुरक्षा के लिये कागज़ बचायें, समाचार वेब मीडिया पर पढें

रविवार, 8 जुलाई 2018

रिसर्च बच्चों की रूचि पर करता है निर्भर- कुलपति डा0 नीलिमा गुप्ता

कानपुर नगर, हरिओम गुप्ता -  सोशल रिसर्च फाउंडेशन कानपुर द्वारा रविवार को अन्तराष्ट्रीय संगोष्ठी का अयोजन किदवई नगर में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डा0 नीलिमा गुप्ता कुलपति, सीएसजेएम विश्वविधालय ने मां सरस्वती कीप्रतिमा के सामने दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया।
          डा0 नीलिमा ने कहा कि बच्चों की उनकी रूचि के हिसाब से रिसर्च करनी चाहिये। शोध कौशल केवल शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए नही बल्कि सभी व्यवसाय से जुडे लोगों के लिए लाभकारी है। अन्य वक्ता डा0 आशा त्रिपाठी, पंकज कुमार सिंह, डा0 निर्मल कुमार सक्सेना, डा0 प्रभात कुमार, डा0 नूतन वोहरा, डा0 चित्रलेखा मेहरा आदि ने शोध प्रबंध और षोध पत्र लेखन पर अपने विचार व्यक्त किया। मौलिक शोध क्या है, लेख और शोध पत्र में क्या अनतर है, पर विस्तार से चर्चा की गयी। इस अवसर पर शोध पत्र कैसे लिखा जाये प्रकाशित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। डा0 रवींद्र मोदी, प्रीती लोधी, नीता अग्निहोत्री, अलका कटियार, आशा वर्मा, नीना श्रीवास्तव द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत किये गये।  पं0 केए दुबे पदमेश ने कहा कि ऐसे गुणात्मक शोध प्रबंध और शोध पत्र हिन्दी में लिखे जाने की आवश्यकता बताया। डा0 प्रभात ने कहा कि शोधपत्र सिर्फ एपीआई में अच्दे ग्रेड पाने के उददेश्य से लिखे जाते है, जबकि शोधपत्र लेखन व्यक्ति के विचारो का परीक्षण है। गोष्ठी का समापन डा0 राजीव मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में डा0 कुमुद श्रीवास्तव, राम सुख यादव, दीप्ति मिश्रा, रशिम आदि मौजूद रहीं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Advertisement

Advertisement

लोकप्रिय पोस्ट