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बुधवार, 18 जुलाई 2018

सडक बनाने में मानको की अनदेखी जनता पर भारी

कानपुर नगर, हरिओम गुप्ता - मानक के अनुसार सडके न बनाए जाने के कारण शहर में लगातार नई बनी सडकों का उखडना, धसना जारी है। मानसून की बारिश की अभी शुरूआत ही हुई है और नगर की सडकों का घसना शुरू हो गया है, जिसके पीछे नगर निगम अभियंत्रण विभाग की लापरवाही और उदासीनता मानी जा रही है। सडकों पर गडढा हो जाने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
     बारिश के दौरान शहर मे कई स्थानो पर सडको के धंसने का सिलसिला शुरू हो गया है। सडक बनाने में मानको की अनदेखी अब नगर की जनता को भारी पडने लगी है। ताजा उदाहरण की बात करें तो सीटीआई चैराहे के पास पुल के नीचे की सडक फिर धंस गयी, जबकि दादानगर पुल निर्माण के समय सीटीआई सडक का निर्माण कराया गया लेकिन वह मानक के विपरीत बनायी गयी जिससे सडक ज्यादा दिनों तक टिक नही सकी। बतातें चले की पुल के नीचे पिछले सप्ताह सडक धंसी थी और फिर उसी जगह दुबारा धंस गयी जिसके चलते सडक से होकर लोगो का निकलना दूभर हो गया है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि नगर निगम जोन-5 के अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है। लोगों ने कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए गडढे में बांस खछाकर दिया। वहीं बीते 6 माह से खुदी वीआईपी रोड  कए मोटरेबल होने से लेागों को ठीक से राहत भी नही मिली थी कि दूसरी आरे फिर सडक धंस जाने के चलते लोगों को संभलकर चलना पड रहा है। भैरोघाट चैराहे पर केस्कों की पडी केबिल लाइन कटने से सडक निर्माण रूक गया तो सीसामऊ नाल का एक हिस्सा भैंरोघाट चैराहे के पास से जाजमऊ की ओर मोडने के लिए जल निगम ने चार सौ मीटर वीआईपी रोड खोदकर सीवर लाइन डाली है। यह काम जनवरी से शुरू हुुआ थ जो जून में पूरा हुआ। सडक को मोटरेबल करने के लिए जल निगम ने पिछले दिनो पीडब्ल्यू डी को 80 लाख रू0 दिए थे। पीडब्लूडी द्वारा सोमवार को भैंरोघाट चैराहे के पास रोड को मोटरेबल करने का काम शुरू किया गया वहंी मर्चेन्ट चैम्बर चैराहे से परमट चैराहे की ओर जाने वाले रास्ते के बीच भी सडक धंस गयी। अभी बारिश की शुरूआत मात्र है यदि बारिश ठीक हुई तो शहर की सभी नई मोटरेबल सडकों का क्या हाल होगा यह आने वाला समय ही बतायेगा लेकिन यह सच है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा सडक बनवाने में बरती गयी लापरवाही अब शहरवासियों के लिए बारिश के मौसम मेें परेशानी का कारण जरूर बनेगी।

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