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सोमवार, 23 जुलाई 2018

50 वर्ष से अधिक के कर्मचारियों की छँटनी नैसर्गिक न्याय के बिरुद्ध - रघु ठाकुर

लखनऊ, पवन कुमार -  उत्तर प्रदेश की राजधानी, लखनऊ के ळच्व् पार्क में गाँधी प्रतिमा के नीचे लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक - समाजवादी चिंतक व विचारक  रघु ठाकुर  के नेतृत्व में धरना दिया जिसमें, ‘‘50वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों की छँटनी के शासनादेश दि0 06 जुलाई 2018 तथा आबकारी नीति के विरुद्ध स्कूलों/शिक्षण संस्थानों के आस-पास व आवासीय कालोनियों में शराब/वियर की दुकान खोलने का पुरजोर तरीके से विरोध किया गया तथा प्रदेश सरकार से माॅग की गई किः-
1. 50 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों की छॅटनी के शासनादेश दि0    06 जुलाई 2018 को अविलंब निरस्त किया जाय।
2. आबकारी नीति के विरुद्ध स्कूल/शिक्षण संस्थानों के सामने खोले गये सरकारी शराब/वियर की दुकान बन्द की जाय।
3. प्रदेश में पूर्ण नशाबंदी लागू कर सरकार/मुख्यमंत्री अपने वादे को पूरा करें।
4. नगरवासियों व प्रदेशवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराई जाय, और 
5. अति पिछड़ा वर्ग को अलग से 15ः का आरक्षण देकर कर्पूरी फार्मूले को लागू किया जाय।
धरने को सम्बोधित करते हुए मा0 रघु ठाकुर जी ने 50 वर्ष से अधिक के कर्मचारियों की छँटनी के शासनादेश दि0 06 जुलाई 2018 को नैसर्गिक न्याय के बिरुद्ध और चापलूसी, बेईमानी और भ्रष्टाचार बढ़ाने वाला करार दिया। 
मा0 ठाकुर ने कहा कि, सेवा आचरण नियमावली में पहले से ही ष्प्दजमहतपजलष् अर्थात ड्यूटी/कार्य के प्रति कर्तव्यनिष्ठ रहने, क्मअवजपवद जव क्नजल अर्थात ड्यूटी के प्रति समर्पित रहने और न्दइमबवउपदह तिवउ ळवअजण्.ैमतअंदज अर्थात ऐसा कोई कार्य जो उस कर्मचारी से आपेक्षित न हो’’ का प्रावधान था तथा उक्त का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों को चेतावनी से लेकर कम्पल्सर रिटायरमेन्ट ही नही बल्कि सेवा समाप्त तक करने का प्रावधान था तथा साथ ही नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप दंडित करने का प्रावधान था परन्तु दि0 06 जुलाई का कार्यालय शासनादेश नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
रघु ठाकुर ने आबकारी नीति के बिरुद्ध स्कूलों/शिक्षण संस्थानों के सामने तथा आवासीय कालोनियों में सरकारी शराब/वियर की धड़ल्ले से खोले जा रहे दुकानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार शायद भूल गई है कि बच्चे और नवयुवक देश का भविष्य हैं। नशे से घर-परिवारों के साथ-साथ बच्चों और विद्यार्थियों में भी नशा का चलन बढेगा। शराब के इस्तेमाल से लोगों में हृदय रोग व अन्य घातक बिमारियाॅ बढ़ती हैं। नशे से भ्रष्टाचार की शुरुआत होती है, अपराध और अराजकता बढ़ती है। 
शराब से होने वाली आय के मुकाबले नशामुक्त और स्वस्थ समाज तैयार करना ज्यादा जरूरी है।
श्री ठाकुर ने मुख्यमंत्री-योगी जी से पूछा कि क्या रामराज्य मे शराब/बियर इसी प्रकार बिकते थे? अथवा क्या आबकारी विभाग इतना निरंकुश हो गया है कि अपनी ही आबकारी नीतियों का खुला उल्लंघन कर रहा है और मुख्यमंत्री कार्रवाई करने में असहाय हो गये हैं। लोगों के विरोध का भी असर नहीं हो रहा है। राजधानी की बात करें तो गोमती नगर में केन्द्रीय विद्यालय के सामने खुले शराब/बियर की दुकान से लेकर कानपुर रोड स्थित इंद्रलोक कालोनी में तथा केसरी इण्टर कालेज के सामने खुले सरकारी शराबध्वियर की दुकान का विरोध सड़कों पर उतरकर लोग कर रहे हैं, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी खबरें छप रही हैं परन्तु सरकार अनदेखा कर रही है।
इसके साथ ही श्री ठाकुर ने सरकार से शुद्ध पेयजल उपलब्धता की आवश्यकता और अतिपिछड़ा वर्ग को 15ः आरक्षण देकर कर्पूरी ठाकुर के फार्मूले को लागू करने की माॅग की।
धरने में लो0स0पा0 के श्री श्याम सुन्दर यादव, समाजवादी विचारक-पंडित राजनाथ शर्मा जी, राजनारायन के लोग कादरी साहब, लोकतांत्रिक कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष-डा0 रमेश दीक्षित, बिजली मजदूर नेता व हिन्द मजदूर सभा के नेता-श्री गिरीश पांडेय व अन्य विशिष्ट लोग धरने में सहभागी रहे।

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