AMJA BHARAT एक वेब न्‍यूज चैनल है जिसे कम्‍प्‍यूटर, लैपटाप, इन्‍टरनेट टीवी, मोबाइल फोन, टैबलेट इत्‍यादी पर देखा जा सकता है। पर्यावरण सुरक्षा के लिये कागज़ बचायें, समाचार वेब मीडिया पर पढें

मंगलवार, 21 अगस्त 2018

मासूम बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे कानवेंट्स स्कूल संचालक

फतेहपुर, शमशाद खान । कानवेंट्स स्कूल संचालकों द्वारा मासूम बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है दिल को दहला देने वाली कई घटनायें होने के बाद भी प्रशासन इन पर लगाम नही कस रहा है जिसके चलते चालक शराब के नशे मे धुत होकर वाहनों को चला रहे हैं जिससे बच्चों की जिंदगी दांव मे लगी रहती है। ऐसा ही एक मामला उस वक्त प्रकाश मे आया जब शहर के शादीपुर चैराह निकट टुथ मिशन स्कूल के बच्चों को प्राइवेट वैन चालक लगभग दस बच्चों को बैठाकर शराब के नशे की धुत मे चला रहा था तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह एक स्कार्पियो मे टक्कर मार दी जिससे बैठे मासूम बच्चे घबराकर रोने लगे बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गये और वैन चालक को उतारकर उसे रोड़ के किनारे बैठा दिया क्योकि चालक इतनी ज्यादा शराब पिये था कि वह कुछ भी बताने मे असमर्थ था लोग किसी तरह से बच्चों के अभिभावकों से सम्पर्क कर उन्हें बुलाया। बताते चले कि लगभग डेढ बजे जब टुथ मिशन स्कूल की छुट्टी हुयी तभी चालक अखिलेश प्रताप सिंह वैन यूपी 78सीआर/9017 मे लगभग दस बच्चों को बैठाकर उनके घर छोड़ने के लिए निकला था तभी जैसे ही शादीपुर चैराहे से आगे नहर कालोनी के गेट के पास पहुंचा तो शराब के नशे मे अपना संतुलन खोते हुए स्कार्पियो कार यूपी 71एडी/2121 मे जोरदार टक्कर मार दिया जिसके बाद वैन मे बैठे बच्चे घबरा गये और वह तेजी-तेजी से रोने लगे चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गये लेकिन गलीमत तो यह रही कि किसी भी बच्चे को कोई चोट नही आयी। दहशत मे बच्चे कुछ भी नही बता पा रहे थे तभी स्थानीय लोगों ने बच्चों की नोटबुक से अभिभावकों के मोबाइल नम्बर देखा और उन्हें सूचना दी। सूचना पर पहुंचे बच्चांे के अभिभावकों मे स्कूल प्रबंध पर आक्रोश जाहिर कर नशेडी चालकों पर कार्यवाही किये जाने की बात कही। सवाल यह उठता है कि प्रदेश के अनेक जनपदों मे दिल दहला देने वाली स्कूली वाहनों की घटनायें आये दिन प्रकाश मे आती हैं इसके बावजूद भी प्रशासन मासूम बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करने के लिए निजी संचालकों को क्यूं छूट दे रखी है। ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्यवाई क्यों नही करती ? जब कभी बड़ी घटना हो जाती है तो प्रशासन हरकत मे आते हुए स्कूलों मे जागरूक करने का काम फिर पुराने ढर्रे पर वापस आ जाते हैं और फिर एक घटना के इंतजार मे बैठ जाते हैं यदि जिम्मेदार अधिकारी समय-समय पर स्कूली वाहन चालकों की जांच करायें तो बच्चों की जिंदगी सुरक्षित हो सके।  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Advertisement

Advertisement

लोकप्रिय पोस्ट