AMJA BHARAT एक वेब न्‍यूज चैनल है जिसे कम्‍प्‍यूटर, लैपटाप, इन्‍टरनेट टीवी, मोबाइल फोन, टैबलेट इत्‍यादी पर देखा जा सकता है। पर्यावरण सुरक्षा के लिये कागज़ बचायें, समाचार वेब मीडिया पर पढें

गुरुवार, 30 अगस्त 2018

वैश्य समाज ने एससी/एसटी एक्ट को संशोधित करने की उठायी आवाज

फतेहपुर, शमशाद खान । केन्द्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों की सुरक्षा की दृष्टि से एससी/एसटी कानून में किये गये संशोधन का आज वैश्य समाज ने विरोध किया और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे गये चार सूत्रीय ज्ञापन में खामियां गिनाते हुए कहा कि हुए संशोधन से निर्दोषों का शोषण होगा। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के जिलाध्यक्ष रामस्वरूप गुप्त के नेतृत्व में परिषद के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और प्रधानमंत्री को सम्बोधित चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिसमें अवगत कराया कि सवोच्च न्यायालय के आदेश को निष्प्रभावी करके एससी/एसटी संशोधन कानून 2018 में धारा 18 ए को जोड़ते हुए बिना जांच के तुरन्त गिरफ्तारी करने से पहले किसी अधिकारी की अनुमति की आवश्यकता नही है। उक्त संशोधन कानून में अग्रिम जमानत का भी प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। बिना जांच के निर्दोष भी गिरफ्तार हो जायेंगे। बिना जांच के सीधे प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज हो जाने से फर्जी लोग भी फंस जायेंगे। इससे बचने के लिए काले कानून को सशोधित करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से युवा जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र शरन सिम्पल, अरूण जायसवाल एडवोकेट, सत्येन्द्र अग्रहरि, राधेश्याम हयारण, दिलीप मोदनवाल, वेद प्रकाश गुप्ता, राम प्रकाश गुप्त, विनोद कुमार गुप्त, आशीष अग्रहरि, गुड्डू मोदनवाल, गिरजाशंकर सोनी, सन्तोष गुप्त, अमिताभ शरन बाॅबी, मनोज सोनी आदि रहे।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Advertisement

Advertisement

लोकप्रिय पोस्ट