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मंगलवार, 11 सितंबर 2018

मुख्यमंत्री द्वारा सीधे समस्याओं के निस्तारण की होती है समीक्षा

चित्रकूट, ललित त्रिपाठी - निदेशक दिव्यागंजन सशक्तीकरण विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ/नोडल अधिकारी जनपद चित्रकूट डा0 बलकार सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों, नीति आयोग के सूचकांको व पोषण मिशन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक सम्पन्न हुयी। 
नोडल अधिकारी ने चिकित्सकों की उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, राज्य वित्त/चैदहवां वित्त, पेंशनों, मनरेगा के कार्यों, कृषि, वन, उद्यान, पशु, बाल विकास, शिक्षा की गुणवत्ता, कर करेत्तर, खनन, स्टाम्प, आबकारी, परिवहन, विद्युत, नगर निकाय, मुख्य देयों की वसूली, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, पशुओं का टीकाकरण, स्वच्छ शौचालय, लम्बित वादों, राजस्व वसूली, पट्टा कब्जा, मत्स्य पालन, तहसील दिवस के लम्बित संदर्भ, पी.जी.पोर्टल, जन सुनवाई, चकबंदी वाद, खनन माफिया, भू-माफिया, वन माफिया व कानून सम्बन्धी स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि,वन, स्वच्छता, विद्युत, दूरभाष, पर्यटन, अन्नाप्रथा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन, लिफ्ट सिंचाई, फलदार वृक्ष, राजस्व वाद, पांच वर्ष से लम्बित वादों, दैवीय आपदा, सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस, आई.जी.आर.एस., जन सुनवाई आदि की बिन्दुवार समीक्षा की। नोडल अधिकारी ने कहा कि  मुख्यमंत्री जी द्वारा सीधे समस्याओं के निस्तारण में समीक्षा की जाती है। इनका निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाय। निस्तारण में अगर किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है तो उसे जिलाधिकारी से सम्पर्क कर निस्तारण कराया जाय। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से  कहा कि चिकित्सकों की तैनाती की गयी और जो अभी तक कार्यभार नही ग्रहण किया है उनकी सूची उपलब्ध कराये और जो पूर्व सीएमएस व वर्तमान सीएमएस द्वारा यहंां से स्थानान्तरित हुये चिकित्सकों को रिलीव कर दिया गया है उनके खिलाफ शासन को पत्र लिखा जाय।एम्बूलेंस का संचालन,जननी शिशु सुरक्षा योजना,संस्थागत प्रसव,आशाओं के भुगतान,उपकेन्द्रों के संचालन,ग्राम स्वास्थ्य निधि,मातृ मृत्यु दर,शिशु मृत्यु दर,टीकाकरण,मिशन इन्द्रधनुष,वेक्टर जनित रोग,जननी सुरक्षा योजना के भुगतान आदि की जानकारी की। 
उन्होंने दिव्यंागजन अधिकारी श्री राजेश कुमार नायक को निर्देश दिये कि डीपीआरसी. बचपन डे -केयर आदि विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराया जाय। जिस पर दिव्यांगजन अधिकारी ने बताया कि बचपन डे केयर के संचालन हेतु पुराना प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में संचालित कराने का निर्णय लिया गया है। जो जल्द ही शुरू करा दिया जायेगा। पेयजल मिशन के अन्तर्गत बरगढ व मऊ का संचालन सही तरीके से नही हो रहा है इसके लिये पूर्व अधिशाषी अभियंता जल निगम अस्थाई खण्ड व वर्तमान अधिशाषी अभियंता कि खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिये शासन को पत्र लिखा जाय और इसी के परिपेक्ष में पूर्व व वर्तमान अधिशाषी अभियंता विद्युत के खिलाफ कार्यवाही की जाय। बस स्टाप के निर्माण पर जिलाधिकारी श्री विशाख जी ने कहा कि मेरे पिछली बैठक में निर्देश देने के बावजूद समाज कल्याण निर्माण निगम द्वारा मुख्य सड़क से ग्राउण्ड स्थल अभी तक इंटरलाकिंग नही किया गया अगर दीपावली मेला के पहले नही करते है तो मै इनके खिलाफ सख्त कार्यवाही करुंगा।
नोडल अधिकारी ने समस्त कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिये कि शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्ता युक्त कार्य करायें जो कार्य पूर्ण हो गये हैं उन्हें संबंधित विभाग को हैण्डओवर कराया जाये। यह जनपद भारत सरकार के द्वारा नीति आयोग में चयनित है जिसमें विभिन्न विकास कार्य विभागों द्वारा कराये जाने हैं। जिसकी प्रत्येक माह समीक्षा प्रदेश व भारत सरकार द्वारा की जायेगी।
तदोपरान्त नोडल अधिकारी ने नीति आयोग के सूचकांको में कृषि एवं जल संसाधन, शिक्षा, पशु, स्वास्थ्य,मत्स्य,कौशल विकास, पयर्टन, दूर संचार, बाल विकास आदि के कार्यो की समीक्षा की और कहा कि जिन-जिन विभागों के बिन्दुओ की प्रगति कम है वह शतप्रतिशत कर लें ताकि जनपद की रैंिकंग अच्छी रहे। जिला बेसिक शिक्षाअधिकारी द्वारा विद्यालयों के पेयजल व शौचालय पर कार्य अभी तक पूरा नही किया गया मेरे द्वारा पिछली बैठक के निर्देश के बावजूद इनकी प्रगति खराब है इन्हे कड़ी चेतावनी दी जा रही है अगली बैठक में अगर प्रगति नही ठीक हुयी तो इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिये शासन को पत्र भेजा जायेगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि आपके पास कितने डाक्टर व स्टाफ है तथा जो खाली पद है उनकी सूची उपलब्ध करायें। लघुडाल विभाग की जो योजनायें चल रही है उनकी क्षमता व संचालन की सूचना उपलब्ध करायें और कैनाल सिस्टम से कितनी खेती की सिंचाई होती है इसका भी एक औसत बना कर दिया जाय। इसके बाद पोषण मिशन की बैठक पर कहा कि कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हित कराकर उन्हे पोषण पुर्नवास केन्द्र व प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य लाभ दिलाया जाय। गोद लिये गांव में तैनात नोडल अधिकारियों द्वारा यह भी देखा जाय कि कितने बच्चे लाल रंग की श्रेणी से कम हुये हैं इसकी सूची मुझे अगली बैठक में उपलब्ध करायी जाय। आंगनवाडी केन्द्रो का संचालन शासकीय भवन मंे कराया जाय। उन्होंने स्मार्ट फोन, अन्नप्रासन, गोद भरायी कार्यक्रम, 0 से 3 वर्ष के बच्चों की फीडिंग, बीएचएनडी, सुपोषण स्वास्थ्य मेला आदि के संबंध में समीक्षा की।
जिलाधिकारी श्री विशाख जी ने बैठक के अन्त में नोडल अधिकारी का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि आप द्वारा दिये गये निर्देशो का पालन शतप्रतिशत किया जायेगा।
इस बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार झा, मुख्य विकास अधिकारी डा0 महेन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी श्री जीपी सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 राजेन्द्र ंिसंह, उप जिलाधिकारी कर्वी श्री इन्दु प्रकाश,मऊ श्री संदीप कुमार,मानिकपुर श्री प्रवीण कुमार,राजापुर श्री सुभाष चन्द्र यादव ,परियोजना निदेशक श्री अनय कुमार मिश्रा,जिला विकास अधिकारी श्री आर0के0त्रिपाठी, उप निदेशक कृषि प्रसार टी.पी.शाही, जिला उद्यान अधिकारी श्री रमेश कुमार पाठक, जिला दिव्यांगजन अधिकारी श्री राजेश कुमार नायक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, कृषि अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, डीसी.मनरेगा,एनआरएलएम, अधिशाषी अभियंता विद्युत, लोक निर्माण विभाग,सिंचाई, जल निगम,जल संस्थान, लघु सिंचाई सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।                                

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