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मंगलवार, 11 सितंबर 2018

दीक्षांत समारोह में मेघावियों पर बरसे मेडल

कानपुर नगर, हरिओम गुप्ता - छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविधालय का 33 वां दीक्षांत समारोह गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल राम नाईक तथा उ0प्र0 के उप मुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। दीक्षांत समारोह में डीजी काॅलेज की छात्रा प्राची तिवारी केा कुलाधिपति स्वर्ण सहित छह पंदक मिले जिसमें कुलाधिपति रजत, कांस्य, स्वर्ण और डा0 निर्मला सक्सेना स्वर्ण पदक शामिल रहे। डीबीए कालेज की छात्रा शिवानी तिवारी को पहली बार भारतरत्न अटल बिहारी बाजपेयी स्वर्ण पदक मिला। विवि की स्नातक कक्षाओं में इ़त्रा सिंह को स्वर्ण पदक मिला। समारोह में कुल 47 छात्र-छात्राओं को 74 पदक दिये गये, जिनमें एक कुलाधिपति स्वर्ण, दो रजत, 19 कुलाधिपति कांस्य पदक, नौ कुलपति पदक और 43 प्रायोजित स्वर्ण पदक शामिल है।

भारत और उसकी अहमियत को समझे नौजवान - राजनाथ सिंह

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविधालय के 33वें दीक्षा समारेाह में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह तथा प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने छात्र-छात्राओं को पदक और डिग्रिया भंेट की। इस अवसर पर गृहमंत्री ने कहा हमारा देश अपनी विद्धता के आधार पर फिर विश्व गुरू बनने की ओर अग्रसर है। नौजवान भारत और उसकी अहमियत को समझे और उसे विश्वगुरू बनाने में अहम भूमिका निभायें। उन्होने कहा शिक्षा जीवन में अनवरत चलती रहती है लेकिन दीक्षा सिर्फ गुरू से मिलती है। दीक्षा का मतलब होता है संस्कार। कहा आप सभी की इच्छा शानदार कैरियर और पैकेज की होगी जो बच्दी बात है लेकिन जीवन यही मात्र उददेश्य नही होना चाहिए। उन्होन अमेरिका के वल्र्ड ट्रेड संेटर पर हमले में विमान के पायलट का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षा तो उसके पास भी थी लेकिन उसने लोगों की जिंदगियां ले ली। उन्होने एक पुस्तक की चर्चा करते हुए इंफोसिस और आतंकी संगठन अलकायदा के बीच तुलना का  उदाहरण भी दिया तथा कहा दोनो जगह शिक्षित, समर्पित युवा काम करते है लकिन सिर्फ संस्कार का फर्क है। संस्कार न होने से अलकायदा से जुडे युवा विनाशकारी हो गए। राजनाथ सिंह ने महान राजाओं के रूप में प्रभु राम और राजा हरिश्चन्द्र का नाम लिया। रोण को प्रकांड विद्धान और दौलतवान बताते हुए छात्रों को समझाया कि संस्कार और त्याग इंसान को महान बनाते है। इसके साथ ही भारत की विभिन्न खूबियां उदाहरण सहित समझाई। बताया कि भारत मजबूत अर्थव्यवस्था बनकर भी उभर रहा है। भारत की शक्ति भारतीयता, सांसकृतिक विरासत और एकता में है।

प्रदेश की उच्च शिक्षा आई पटरी पर - राज्यपाल
विश्वविधालय के दीक्षांत समारोह के दौरान उ0प्र0 के राज्यपाल राम नाईक ने समारोह की अध्यक्षता की। उन्होने अपने उदबोधन में कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा पटरी पर आ गयी है और अब दौडने को तैयार है। समारोह में अधिकांश छात्राओं को मिले पदक और डिग्रियों पर उन्होने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का बेटी पढाओं का चित्र यहां नजर आ रहा है।

फहराया गया 166 फीट ऊंचा घ्वज

विश्वविधालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा की मौजूदगी में राज्यपाल राम नाईक ने बटन दबाकर 166 फीट ऊंचा ध्वज फहाराया। यह नाजारा देखने के लिए कैंपस खचाखच भरा रहा। इस दौरान कुलपति प्रो0 नीलिमा गुप्ता भी मौजूद रहीं।

अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर खोले जायेगे 46 नए राजकीय महाविधालय
विश्वविधालय के दीक्षांत समारोह के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं उच्च तथा माध्यमिक शिक्षा मंत्री डा0 दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर 46 नए राजकीय महाविधालय खोले जायेंगे। इसके साथ ही महाविधालय के शिक्षकों और कर्मियों को प्रदेश सरकार स्वैच्छिक अवकाश लेने की सुविधा देगी। नौजवान शिक्षकों को स्थाई करने की व्यवस्था शुरू होगी। उन्होने कहा सभी विश्वविधालयों में शांध गंगा पोर्टल की स्थापना होगी। प्रदेश सरकार ने 921 करोड रू0 स्वीकृत किए है। जिन महाविधालय में सीसीटीवी कैमरे नही होगे। वहां परीक्षा केंद्र नही बनेगा। प्रदेश के 904 तदर्थ शिक्षकों को नियमित किये जाने की भी जानकारी दी।

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