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बुधवार, 17 अक्तूबर 2018

कागजों में विकास दिखाकर सेकेट्री संग प्रधान ने करोड़ों का धन किया गबन

खागा, फतेहपुर, शमशाद खान । सरकारे बदली मिजाम बदला लेकिन न बदल सकी तो तहसील क्षेत्र के रायपुर भसरौल ग्राम सभा वासियो की तकदीर। केंद्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार द्वारा शासन की चालाई जा रही योजनाओं का लाभ गरीबो को दिए जाने के दावा किया जा रहा है लेकिन हकीकत अभी भी कोसो दूर है। भले ही अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक शासन की कल्याणकारी योजनाओँ का लाभ दिये जाने का दावा किया जा रहा हो लेकिन हकीकत में आज भी बिचैलिया और भृष्टचार तंत्र का ही बोलबाला दिखाई दे रहा है। जिलाधिकारी आंजनेय सिंह द्वारा जनपद का चार्ज संभालने के बाद से लेकर लगातार गाँवो कर दौरा कर हकीकत जानने व उनमें सुधार किया जा रहा है लेकिन आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी रायपुर भसरौल ग्राम सभा की हालत आज भी जस की तस बनी हुई है। विकास के नाम  पर हुई उपेक्षा से गाँव आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। गाँव का विकास हो भी कैसे सकता है जब रक्षक ही भक्षक की भूमिका में उतर आयंगे। जनपद की सबसे बड़ी तहसील खागा क्षेत्र के ग्राम पंचायत रायपुर भसरौल की ग्राम सभा जो आज भी विकास से अछूती है विकास के नाम पर सरकार द्वारा दिए गए धन को ग्राम प्रधान -ग्राम विकास अधिकारी व अन्य जिम्मेदारों द्वार कागजों पर दर्शा कर धन का बन्दर बाँट कर लिया गया। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि आज भी गांव में मूलभूत सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराया गया। शासन द्वारा इस बड़ी ग्राम पंचायत को विकास कार्यों के लिए सवा करोड़ रूपये की धनराशि उपलब्ध कराई गयी लेकिन ग्राम प्रधान छेदीलाल निषाद और पंचायत सेकेट्री द्वारा शासन से आए धन को हजम करते हुए कागजों में विकास कार्य करवा दिया गया। भृष्टचार के इस दलदल में में धसे हुए इन भृष्टाचारीयो पर किसी अफसर की निगाहें न पड़ना भी कहीं न कहीं भृष्टचार की गहरी जड़ो की ओर इशारा कर रहा है। आखिर क्या कारण है उच्च अधिकारी कागजो की जादूगरी देखने के बाद जमीनी हकीकत जानने का प्रयास क्यों नहीं करते हैं। ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी की इस कारगुजारी से खागा विधानसभा के बीजेपी विधायक कृष्णा पासवान भी अछूती नहीं हैं। शायद इसी कारण ग्राम पंचायत की दर हकीकत देखने नहीं जाती हैं। इतनी बड़ी ग्राम पंचायत होने के बाद आज भी ग्रामसभा वासी मूलभूत सुविधाओं तक को तरस रहे हैं। सड़क, नाली,खड़ंजा, बिजली,पानी आदि जैसी सुविधाएं आज भी गांव में उपलब्ध नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए गए स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां खुले आम इस ग्राम सभा में उड़ाई जा रही है। ग्राम सभा के लगभग दो दर्जन गांव में आज भी ऐसे है जहाँ शौचालय नही बनवाये गये। इससे ग्रामवासी आज भी न केवल खुले में शौच को जाने पर मजबूर है। बल्कि पीएम के स्वच्छ्ता अभियान को आईना दिखाये जाने के साथ ही जनपद को ओडीएफ किये जाने पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। गाँव में प्रधानमंत्री आवास योजना का आज तक खाता तक नहीं खुल सका। दबी जबान में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान की दबंगई से ग्रामीण डर के मारे मूलभूत सुविधाओं की मांग नहीं करते हैं। ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजने ने साथ ही जिलाधिकारी से मामले की जांच कराए जाने व दोषियो पर कार्यवाही किये जाने की मांग किया है।


प्रधान कैसे बन गया करोड़ों की सम्पत्ति का मालिक ?
खागा, फतेहपुर। शहर से लेकर किशनपुर आदि व इलाहाबाद आदि जगहों पर ग्राम प्रधान छेदीलाल निषाद द्वारा लगभग आधा दर्जन आलीशान मकान लग्जरी गाड़ियां एवं करोड़ों की चल अचल संपत्ति का अर्जित करना एक कठिन पहेली जैसा दिखाई दे रहा है।जो ग्राम प्रधान द्वारा किये गए भृष्टचार की चीख चीख कर गवाही दे रहा है मात्र 3 वर्षों की प्रधानी में करोड़ों की संपत्ति अर्जित करना अपने आपमें एक बड़ा सवाल है। जानकारों का कहना है कि यदि शासन द्वारा गंभीरता से निष्पक्ष जांच कराई जाये तो ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा की गयी लूट का पर्दाफाश होना तय है।

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