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सोमवार, 1 अक्तूबर 2018

अभिभावक व नर्सिंग स्टाफ ट्रनिंग

कानपुर नगर,  हरिओम गुप्ता - भारतीय बाल रोग अकादमी द्वारा लाल बंगला स्थित डे हास्पिटल में एण्टीबायोटिक पर अभिभावक व नर्सिंग स्टाफ ट्रेनिंग का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका संचालन डा0 आशीष श्रीवास्तव, डा0 एके डे, डा0 मनीष मेहरा ने किया। इस दौरान डा0 आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि आमतौर पर बीमारियों के उपचार में एण्टीबायोटिक दवाओं का प्रयोग किया जाता है। लोग मेडिकल स्टोर से दवायी खा लेते है जो ओवरडोज हो जाती है और रोगी को इसके दुष्परिणाम झेलने पडेते हे।
       कहा डाक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न ले। डा0 एके डे ने सांस के इन्फेक्शन में एण्टीबायेाटिक जरूरत होने पर जोर दिया तथा बताया कि एक दो दिन बुखार के साथ जुकाम खांसी में एण्टीबायाटिक देने से बचना चाहिये। कहा यदि कई दिन खांसी के बाद यदि तेज बुखार आने लगे तो पस्ली चलने लगे, छाती में ददे हो तेा निमोनिया के लक्षण हो सकते है ऐसे मरीजों को एण्टीबायेाटिक देना अति आवश्यक है। इस अवसर पर डा0 मनीश मेहरा ने एण्टीबायोटिक पर संक्षेप में बताया तथा डा0 ललित अरोरा, डा0 अमित चावला उपस्थित रहे।

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