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शुक्रवार, 5 अक्तूबर 2018

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पाठयक्रमों की गुणवत्ता स्वीकारी

चित्रकूट, ललित त्रिपाठी । विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली के डिस्टेन्स एजुकेशन ब्यूरो ने महात्मा गाँधी  चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पाठयक्रमों की गुणवत्ता, वैशिष्टय, शिक्षण प्रणाली, अध्ययन सामग्री की गुणवत्ता, सैद्वान्तिक एवं प्रायोगिक विधा के मानकीकरण, प्रस्तुति, पाठयक्रम एवं समय पर प्रवेश-परीक्षा-मूल्याकंन और प्रशासनिक एवं शैक्षणिक नियंत्रण आदि कार्यों पर अपने मानकों के अनुरूप सम्पन्न होने के अधिकारिक मूहर लगा दी है। युनिवर्सिटी ग्रान्ट कमीशन के डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो के 535वीं बैठक में महात्मा गाॅंधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के 29 पाठयक्रमों को शैक्षणिक सत्र 2018-19 एवं 2019-20 हेतु मान्यता प्रदान कर दी गई है। 
इसकी अधिसूचना विश्वविद्यालय अनुदान आयोग दिल्ली के पत्र क्रमंाक 1-6/2018(डीईबी-1) दिनंाक 3.10.18 के माध्यम से जारी की गई है। इस अधिसूचना की सूचना विश्वविद्यालय परिसर में आते हीं प्रसन्नता का माहौल बन गया। पूरा विश्वविद्यालय परिवार इसका श्रेय कुलपति प्रोफेसर नरेश चन्द्र गौतम को दे रहा है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसके लिये कुलपति प्रोफेसर गौतम को बधाई दी है। महात्मा गाॅंधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय अधिनियम में वर्णित अपने कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में दूरवर्ती माध्यम के पाठयक्रमों को संचालित करता है। सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में कार्यरत केन्द्रों के समन्वयकों एवं दूर-दराज में अध्ययन रत विद्यार्थियों में प्रसन्नता है। मुख्यमंत्री सामुदायिक नेत्रृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम मध्यप्रदेश के प्रत्येक विकास खण्ड एवं जिला मुख्यालय में मध्यप्रदेश शासन के विभिन्न विभागों के सहयोग से दूरवर्ती माध्यम से संचालित किया जाता है। 
दूरवर्ती के निदेशक डा. वीरेन्द्र कुमार व्यास ने बताया कि दूरवर्ती पाठयक्रमों का गुणवत्तापूर्ण संचालन, सतत शिक्षण एवं हर क्षण मार्गदर्शन व पारदर्शिता पूर्ण परीक्षा प्रणाली एवं निष्पक्ष मूल्यांकन हमारी विशेषता है। कुलपति प्रोफेसर गौतम के प्रयासों के लिये दूरवर्ती परिवार उनका आभार व्यक्त करता है तथा गुणवत्ता पाठयक्रम संचालन का संकल्प भी दोहराता है। 
डा. व्यास ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की बेबसाइट पर प्रदर्शित हो रही दूरवर्ती पाठयक्रमों एवं दूरवर्ती संस्थानों की सूची के पृष्ठ क्रमांक 32,33 एवं 34 के सरल क्रमंाक 38 में महात्मा गाॅंधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय को मिली 29 पाठयक्रमों के नाम और अवधि को अंकित किया गया है।
डा. व्यास ने बताया कि स्नातक-परास्नातक स्तर के  जिन 29 डिग्री पाठयक्रमों को मान्यता प्रदान की गयी है उनमें बैचलर आफ जर्नलिज्म एण्ड मास कम्युनिकेशन,बैचलर आफ लाइब्रेरी एण्ड इनफारमेशन साइंस, मास्टर आफ जर्नलिज्म एण्ड मास कम्युनिकेशन, मास्टर आफ लाइब्रेरी एण्ड इनफारमेशन साइंस, मास्टर आफ सोशल वर्क, बैचलर आफ आर्टस, बैचलर आफ कामर्स, बैचलर आफ साइंस (कम्प्यूटर साइंस), बैचलर आफ साइंस(जियोलाजी), बैचलर आफ साइंस (बायोलाजी), बैचलर आफ साइंस (इनफारमेशन टेक्नालाजी), बैचलर आफ साइंस (मैथ), बैचलर आफ सोशल वर्क, मास्टर आफ आर्टस ( अपलाइड साइकलाजी), मास्टर आफ आर्टस ( ड्र्ाइंग एण्ड पेंटिंग), मास्टर आफ आर्टस (एजुकेशन), मास्टर आफ आर्टस (इंगलिश), मास्टर आफ आर्टस (हिन्दी), मास्टर आफ आर्टस (हिस्ट्र्ी), मास्टर आफ आर्टस (मैथ), मास्टर आफ आर्टस (फिलास्पी), मास्टर आफ आर्टस (पालिटिकल साइंस), मास्टर आफ आर्टस (रूरल डवलपमेंट), मास्टर आफ आर्टस (संस्कृत),मास्टर आफ आर्टस (सोशियोलाजी), मास्टर आफ कामर्स, मास्टर आफ साइंस(इनफारमेशन टेक्नालाजी), मास्टर आफ साइंस (मैथ), मास्टर आफ साइंस (रिमोट सेंसिंग एण्ड जी.आई.एस.) हैं।

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