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शनिवार, 27 अक्तूबर 2018

रेलवे प्रशासन नही कर रहा चूंहो से निपटने के पप्र्याप्त इंतजाम

कानपुर नगर, हरिओम गुप्ता - यू तो पूरा शहर ही चूहों की समस्या से जूझ रहा है लेकिन वह जगह ज्यादा महत्वपूर्ण है जो जनता के लिए उपयोगी है। कानपुर सेंट्रल स्टेशन में पिछले काफी वर्षो से चूहों का साम्राज्य फैला है। यह चूहे लगातार स्टेशन की जमीन, प्लेटफार्म तथा कार्यालयों के लीचे की जमीन को लगातार खोखला करते जा रहे है। मुख्य बात यह कि रेलवे द्वारा चूहे मारने का अभियान भी चलाया गया था जिसमें लाखों रू0 खर्च भी किये गये थे लेकिन इस अभियान का कोई भी प्रभाव नही पडा और चूहों की संख्या वैसी की वैसी ही है। सूत्रों की माने तो अभियान के दौरान चूहों की संख्या में कमी भी आ गयी थी लेकिन जब इस कार्य का ठेका समाप्त हो गया, उसके बाद चूहों की संख्या फिर बढ गयी।
           कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर चूहों के कारण समस्या बढती जा रही है। जहां एक ओर यात्रियों को परेशानी हो रही है वहीं स्टेशन परिसर, प्लेटफार्म तथा कार्यालयों की जमीनों को चूहों ने खोखला कर दिया है। प्लेटफार्म नं0 1 से लेकर 8 तक सभी प्लेटफार्मो के नीचे चूहों ने बिल बना रखे है। हालत कुछ ऐसी हो गयी है कि इन बिलों के कारण कई जगह पर जमीन भी धंस गयी है। माना भी जा रहा है कि यदि समय रहते इन चूहों के आतंक पर लगाम नही लगायी गयी तो कोई बडा हादसा हो सकता है। चूहों ने पूरी जमीन को खोखला कर दिया है। कई रेलवे के कार्यालय भी प्रभावित हुए है। स्टेशन डायरेकटर डा0 जितेन्द्र कुमार ने पूर्व में कहा था कि चूहों की समस्या बडी है और जल्द ही इससे निजात पाने के लिए टेंडर किऐ जायेगे, बावजूद इसके अभी कोई सकारात्मक कार्यवाही होती नजर नही आ रही है।

चूहों के आने का कारण
स्टेशन पर बढते चूहों की संख्या का एक कारण यह है कि यात्रियों द्वारा खाने-पीने की सामग्री लाइ जाती है तो वेंडरों द्वारा की खाना का सामान फेंका जाता है वहंीं आस-पास होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाने-पीने की दुकाने है। साथ ही बडा कारण यह भी माना जा रहा है कि स्टेशन के पास ही गल्ला मण्डी है और अनाज गोदाम है। इसके साथ ही चूहों को मारने का कभी कोई अभियान नही चलाया जाता है। आस पास के राहाईशी इलाको के घरों में भी चूहों को पकड कर स्टेशन की ओर छोड दिया जाता है। मौजूदा हालातों में नजर डाला जाये तो लाखों की ंसंख्या में चूहे स्टेशन पर मौजूद है और दिन-प्रतिदिन स्टेशन परिसर की जमीन को खोखला करते जा रहें है।

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