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रविवार, 28 अक्तूबर 2018

बाल रोग चिकित्सकों के लिए मेडिकों लीगल कार्यशाला

कानपुर नगर, हरिओम गुप्ता - भारतीय बाल रोग अकादमी द्वारा बाल रोग चिकित्सकों के लिए मेडिको लिगल कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 50 बाल रोग चिकित्सकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उदघाटन मेडिकल कालेज की प्रचार्या आरती लाल चन्दानी, विशिष्ट अतिथि पूर्व चिकित्सक महानिददेशक डा0 वीएन त्रिपाठी, अकादमी अध्यक्ष डा0 ललित अरोरा, डा0 विवेक सक्सेना व सेंटर जोन मेडिकल लीगल कोर्डिनेटर डा0 जेके गुप्ता ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन डा0 अमित चावला ने किया।
             नेशनल मेडिकों लीगत चेप्टर के संस्थापक अध्यक्ष डा0 सतीश तिवारी ने बताया कि यदि चिकित्सक ने इलाज के दौरान कोई ऐसा कार्य कर दिया  या ऐसा कार्य करने से चूक गया जो कि सामान्य परिस्थितियों में दूसरा डाक्टर नही करता उसे ही चिकित्सीय लापरवाही माना जायेगा। अन्य डाक्टरों से राय भिन्नता, निर्णय लेने में गती प्रयासों के बाद मरीज की स्थित में सुधार न होना इलाज के दौरान जानी पहचानी जटिलता होना। मेडिकल एक्सीडेंट रेयर काम्प्लीकेशन आदि चिकित्सीय लापरवाही की श्रेणी में नही आते है। डा0 जेके गुप्ता ने बताया कि आज चिकित्सक समाज भय में जी रहा है। आये दिन डाक्टरों की क्लीनिक व अस्पतालों में तोडफोड की घटनाये होती है। मेडिकल उ0प्र0 मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के अनुसार किसी भी क्लीनिक या अस्पताल में तोडफोड, डा0 व चिकित्सक कर्मी के साथ हिंसा होने पर उक्त एक्ट के अंतर्गत तीन वर्ष कैद व 50 हजार जुर्माना और तोडे हुए समान की दुगनी कीमत की क्षतिपूर्ति की जायेगी। बताया मेडिकल प्रोफेश्ज्ञन के प्रति हिंसा के लिए एयर लाइन्स के नो लीगल लिस्ट की तर्ज पर जल्द ही ट्रीटमेंट लिस्ट बनाकर हिंसा के दोषियों का इलाज करने से बचा जायेगा। कार्यक्रम में डा0 एमएम मैथानी, डा0 एलके निगम, डा0 आरसी गुप्ता, डा0 एके अहूजा, डा0 आशीष विश्वास आदि मौजूद रहे।

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