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रविवार, 21 अक्तूबर 2018

बैन के बाद भी पॉलिथीन का किया जा रहा प्रयोग, अफसर मौन

फतेहपुर, शमशाद खान । गंभीर बीमारियां एवं प्रदूषण के बड़े कारको में से एक पॉलिथीन पर प्रतिबन्ध लगने के बाद भी जनपद के दुकानदारों द्वारा धड़ल्ले से पालीथीन में रखकर समान बेचने का कार्य किया जा रहा है। बड़े पैमाने पर पालीथीन प्रयोग किये जाने से सरकार और जिला प्रशासन की मंशा पर सवालिया निशान लग रहा है जबकि पालीथीन के प्रयोग से होने वाले नुकसान की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी अदित्यनाथ द्वारा 15 जुलाई को पॉलिथीन को प्रतिबंधित करने के लिये दिशा निर्देश दिए गए थे परन्तु जनपद में प्रदेश के मुखिया के आदेशों की अवहेलना कर खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। फुटपाथ पर लगने वाली छोटी दुकान से लेकर बड़े व्यापारियों द्वारा बेखौफ होकर धडल्ले से मानक विहीन पालीथीनो का प्रयोग किया जा रहा है जिलाधिकारी आंजनेय सिंह द्वारा पालीथीन का प्रयोग जनपद में पूरी तरह रोकने के लिये नगर पालिका व नगर पंचायत ईओ समेत अन्य मातहतों को स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बाद भी पालीथीन का प्रयोग बदस्तूर जारी है। तो वहीं शादी ब्याह व अन्य कार्यकर्मो में प्लास्टिक से बने गिलास एवं अन्य उत्पादों का प्रयोग होते देखा जा सकता है। जिम्मेदारों की संवेदनहीनता का आलम यह है कि पालीथीन विरोधी अभियान के नाम पर दो चार दुकानदारों पर कार्यवाही करने के बाद विभाग द्वारा चुप्पी साध ली गयी। प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाये गए स्वच्छ भारत अभियान में एक पालीथीन स्वयं एक बड़ी बाधा के रूप में सामने आती है जिसके नालियों में फंसने की वजह से नालियों के चोक होने एवं जलभराव की स्थिति का सामना करना पड़ता है। तो वहीं गन्दा पानी जमाव के कारण संक्रमित बीमारियों के फैलने की वजह बनाता है। पर्यावरण विभाग द्वारा 22 दिसंबर 2015 में जारी अधिसूचना में सभी तरह के पॉलिथीन (कैरी बैग) के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गयी थी तो वहीं केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने 50 माइक्रॉन से कम पॉलिथीन को पर्यावरण के लिए खतरनाक बताते हुए इसे बन्द किये जाने की सिफारिश की थी जिसे गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के मुखिया योगी अदित्यनाथ ने 15 जुलाई से प्रदेश में 50 मॉइक्रॉन से कम की पॉलिथिन के प्रयोग को प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया था। आदेश में  पालीथीन के बैग,प्लास्टिक के कप, ग्लास और पॉलिथीन के अन्य सामानों के बनाने से लेकर बेचने व स्टोर करने को प्रतिबन्धित करने के साथ ही इस्तेमाल पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना या छह माह तक की सजा  का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में पालीथीन प्रतिबंधित होने से उत्तर प्रदेश पालीथीन बैन करने वाला देश का 19वां राज्य तो बन गया परन्तु जिम्मेदारों के लापरवाही सरकार की इस मुहिम को धक्का लगाने का काम कर रही है। जिससे आज भी जनपद में पालीथीन का धड़ल्ले से प्रयोग किया जाना जारी है।

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