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मंगलवार, 6 नवंबर 2018

गणेश लक्ष्मी की पूजा के लिए जमकर हुई खरीददारी

फतेहपुर, शमशाद खान । घर मे पधारों गजानन्द जी, मंेरे घर मे पधारों दीप मालिका पर्व पर लोग घर की सुख समष्द्वि और धन पूजन अर्चन करते है । मान्यता है कि इस दिन घर मे अखण्ड ज्योति जलाकर शुद्व मन के साथ माता का पूजन अर्चन करने से चह सुख-समष्द्वि प्रदान करती है। बाजार मे इन दिनों पर्व को लेकर गणेश- लक्ष्मी की मूर्तियों की बिक्री के लिए दुकाने सजी हैं। परन्तु महंगाई की मार स्पष्ट गणेश लक्ष्मी की मूर्तियों को सजा रखा है। लेकिन लोग बड़ी मूर्ति मंहगाई की वजह से न खरीद कर छोटी मूर्तियां खरीद कर ही संतोष कर रहे है। पर्व पर मूर्ति पूजा का विषेष महत्व है। गणेश लक्ष्मी के पूजन के लिए घरों की साफ-सफाई कर पूजन सामग्री एकत्र कर विधि विधन से इनका पूजन किया जाता है। यही वजह है कि पर्व के आते ही हर चैराहे, हर गली व हर बाजार मे गणेष लक्ष्मियों की मूर्तियों की दुकाने बड़े पैमाने पर लग जाती है और बाजार गुलजार हो जाते है। परन्तु पिछले तीन वर्षो से सुरसा की तरह मुॅंह फाड़ रही महंगाई ने पर्व मे मूर्तियों की खरीद पर खासा प्रभाव डाला है। अनेक स्थानों पर बड़ी मूर्तियों की जगह छोटी- मूर्तियों से ही काम चलाने की बात की जा रही है। दुकानदारों की माने तो ग्राहक दुकान मे पहुॅंचता तो है परन्तु मूर्तियों के भाव पूंछकर उल्टे पांव चला जाता है। और बाजार घूमकर वापस आता है तो छोटी मूर्ति जो कम पैसे मे मिलती है उसे खरीदकर संतोष कर रहा है। पिछले वर्षो तक तमाम प्रकार की मूर्तियां बाजार मे देखने को मिलती है इधर एक वर्ष से दिन प्रतिदिन बढ़ रही मंहगाई के कारण प्लास्टर आफ पेरिस से निर्मित मूर्तियों के दाम भी आसमान छू रहे है। बाजार मे छोटी मूर्ति बीस रूपयें तो बड़ी मूर्ति एक सौ पचास रूपयें से शुरू है और यह सभी मूर्तियां प्लास्टर आफ पेरिस से निर्मित है। इलेक्ट्रानिक गणेष लक्ष्मी की मूर्तियां भी बाजार मे उपलब्ध है। इनकी दो सौ रूपयें से एक हजार रूपयें तक महंगाई के कारण लोगो को कम दाम वाली मूर्तियां खरीदने मे ही दांतों पसीने आ रहे जगह-जगह सजीं दुकानों पर बैठे दुकानदार ग्राहकों की बांट जोह रहे है और उनका कहना है कि किसी तरह उनकी लगाई हुयी कीमत खड़ी जो जाए तो अच्छा है। पर्व तो मनाया ही है। इसी धारणा के साथ लोग बाजार मे पहुॅंच रहे है और मूर्तियों की खरीददारी कर रहे है। महंगाई के कारण लोगों को अनेक प्रकार की दिक्कतें आ रही है।

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