AMJA BHARAT एक वेब न्‍यूज चैनल है जिसे कम्‍प्‍यूटर, लैपटाप, इन्‍टरनेट टीवी, मोबाइल फोन, टैबलेट इत्‍यादी पर देखा जा सकता है। पर्यावरण सुरक्षा के लिये कागज़ बचायें, समाचार वेब मीडिया पर पढें

सोमवार, 5 नवंबर 2018

रीति-रिवाज के साथ धनतेरस, गुलजार रहे बाजार जमकर हुयी खरीददारी

फतेहपुर, शमशाद खान । गंगा एवं यमुना के दोआबा में बसे इस जनपद में भी धनवंतरि (धनतेरस) महापर्व आज धूमधाम से मनाया गया। परम्परागत ढंग से लोगों ने विभिन्न धातुओं से निर्मित वस्तुयें खरींदी। खासकर आभूषणों और बर्तनों की दुकानों में ज्यादा भीड़ रही। जनपद मुख्यालय की मुख्य बाजार चैक में अर्द्धरात्रि के बाद भी खरीददारों की खासी भीड़ जमा थी और लोग दुकानों में अपनी-अपनी पसंद का सामान खरीदने के लिए पहॅंुचे। धनतेरस का पर्व अपने आप में एक परम्परा का अंग है जो दीपावली के दो दिन पूर्व मनाया जाता है। इस पर्व पर हिन्दू समाज के प्रमुख पर्व दीपावली से संबंधित खरीदारी होती है। खासकर धातु निर्मित सामान और सोने-चांदी से निर्मित आभूषण एवं सिक्कों की खरीद परम्परा का अंग है। 
धनतेरस के अवसर पर चैक बाजार की व्यस्तता एक बार फिर शीर्षता को स्पर्श कर रही थी। धातु बाजार में तो जैसे तिल भर की भी जगह नहीं बची थी। यही नहीं बाजार के दूसरी ओर लइया, गट्टा, पट्टी, खिलौने आदि की दुकानों में दोपहर से जो सघन खरीददारी का दौर शुरू हुआ वह देर रात तक जारी रहा। वैसे भी व्यस्त जीवन से शाम को निजात पाने वाले नौकर पेशा लोग अपने परिवारों के साथ अमूमन सूर्यास्त के बाद ही यहां खरीददारी को निकलते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। शाम ढलते ही सोने चांदी की दुकानों में सहसा रौनक बढ़ गयी और दोपहर तक मायूस दिख रही बर्तन मण्डी में भी भीड़ ने जैसे कदम रखा बर्तन बाजार के संचालकों का उत्साह बढ़ गया। 
धनतेरस का पर्व पूरे जनपद में परम्परागत ढंग से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोगों ने धातु और खानपान के सामानों के साथ गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां खासकर जो मिट्टी और पीओपी से निर्मित थी उनकी खरीददारी की। बच्चों का खिंचाव तो खिलौने के साथ-साथ पटाखों की ओर था। इन दुकानों में भी जमकर खरीददारी हुई। यही नहीं इलेक्ट्रानिक दुकानों में दोपहर से ही भीड़ लगी थी। शहर की लगभग सभी इलेक्ट्रानिक दुकानों में दीवाली धमाका और बम्पर धमाका आफर पेश किया गया। टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, डीवीडी आदि इलेक्ट्रानिक सामानों की जमकर खरीददारी हुई। वैसे भी धनतेरस के दिन इन सामानों की खरीददारी का खास महत्व होता है। ऐसे में महीनों से इस दिन का इंतजार कर रहे लोगों ने जी भर कर सामान खरीदे। कहने को तो महंगाई से हर कोई आहत था किन्तु बाजार की व्यस्तता और भीड़ से कहीं से भी नहीं लग रहा था कि महंगाई का खरीददारों पर कोई असर पड़ा। इतना जरूर था कि निचला तबका इस बार हाथ सिकोड़ कर चल रहा है।
कल मंगलवार को नरक चर्तुदशी (छोटी दीवाली) है और बुधवार को दीपों का पर्व दीपावली है। राजनैतिक हस्तियां, जन प्रतिनिधि लोगों के बीच अपनी मौजूदगी और आकर्षण बढ़ाने के लिए दस्तक देना शुरू कर चुके हैं, साथ ही महापर्व की आभा एक कदम आगे बढ़ाने की ओर तेजी से अग्रसर है। सजी मण्डी, खुशगवार मौसम और उसमें गंगा जमुनी तहजीबी संस्कृति ऐसे में दीपावली जैसे महापर्व की आभा को चार चांद तो लगना ही है। प्रशासनिक अधिकारी, राजनेताओं एवं आमजन की एक दूसरे को बधाइयां पहुंचने लगी है। संचार क्रांति के इस दौर में ग्रीटिंग कार्ड का बाजार तो मंदा है किन्तु एसएमएस एवं वाट्सअप दौर ने अपनी मौजूदगी प्रभावी ढंग से दर्ज करायी है। दीवाली मनाने को लोग देश विदेश से घर आये हैं। एक दीपक उनके प्रेम का भी शामिल हो इस संदेश के साथ दीवाली की चमक पर अपनी सहभागिता दर्ज कराने की होड़ लगी है। हमारे बिंदकी, खागा, असोथर, हथगांव, बहुआ, छिवलहा, हुसैनगंज, अमौली, चैडगरा संवाददाओं के अनुसार धनतेरस का पर्व क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर लोगों ने परम्परागत ढंग से खरीददारी की और दीवाली की तैयारी पूरी की। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Advertisement

Advertisement

लोकप्रिय पोस्ट