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रविवार, 2 दिसंबर 2018

आवास आवंटन के लिए मांगे 20 हजार रू0

कानपुर नगर, हरिओम गुप्ता - प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को मकान मिलना है लेकिन ग्रामीण आंचलों में प्रधान पंचायत सिक्रेट्री आदि आवास आवंटन के नाम पर गरीबों से रूपयों की मांग कर रहे है। न तो इन्हे अधिकारियों की कार्यवाही और न ही किसी प्रकार से शासन का भय है। गरीबो को आवास उपलब्ध कराने की मंशा ऐसे ही लोगो के भ्रष्टाचार से कहीं बिगड न जाये, इसके लिए विशेष जांच तथा सख्त कार्यवाही की आवश्यकता है।
              एक ममाले में सीता पत्नी मुकेश निवासिनी ग्राम राजाराम पुर पो0 धनश्यामपुर विकास खण्ड, चैबेपुर ने बताया कि वह गरीब महिला है तथा उसकानाम प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में शामिल किया गया था लेकिन ग्राम सचिव ने उनका नाम काट दिया। बताया उसने कैबिनेट मंत्री को प्रार्थनापत्र दिया, उन्होने जिलाधिकारी को आदेशित किया था, जिसके बाद जांच करायी गयी, जिसकी जांच जांचकता्र सुरेश चन्द्र निगम ने की जो सही थी लेकिन उनके घर पंचायत सिक्रेटरी तथा ग्राम प्रधान आये और कहा कि आवास पाने के लिए 20 हजार रूपया देना होता है। रूपया नही दोगी तो आवास नही मिलेगा। प्रधान ने कहा कि रूपया हम ही नही रखते, शासन तक जाता है। बताया पुनः प्रार्थनापत्र मंत्री जी को दिया उन्होने जिलाधिकारी के पास भेजा, जिलाधिकारीने मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर, ग्राम्य विकास विभाग के पास भेजा, जिसके बाद प्रार्थना पत्र ब्लाक चैबेपुर के अधिकारियों को भेजा गया, लेकिन बात फिर रिश्सत पर आकर टिक गयी। पूरा चक्कर काटकर पीडित फिर ब्लाक चैबेपुर के अधिकारियों के पास पहुंची तो उसे 20 हजार खर्चा देने को कहा गया। यही नही अधिकारियों द्वारा एक ही तारीख में दो रिपोर्ट भेजी गयी जिसमें एक में उन्हे पात्र बताया गया और दूसरे में अपात्र। कहा यह विभागीय कार्यप्रणाली की चूक है, लापरवाही है या सख्त नियमो को पालन कराने की कमी। हो कुछ भी लेकिन गरीब पीडिता को अभी तक प्रधानमंत्री आवास आवंटित नही हो सका है। वह मंत्री से लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रही है। पीडिता ने मांग की है कि फर्जी एवं गलत रिपोर्ट प्रेषित करने वाले अधिकारी और पैसा मांगने वाले अधिकारी तथा ग्राम प्रधान पर कार्यवाही हो, उनके खिलाफ उत्पीडन का मुकदमा दर्ज कर दोषी पाये जाने पर कार्यवाही की जाये।

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