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शनिवार, 5 जनवरी 2019

कवि सम्मेलन में रचनायें सुनकर झूम उठें श्रोतागण

हथगांम-फतेहपुर, शमशाद खान । छिवलहा जंगर में पहली बार सामाजिक सद्भाव एवं कौमी एकता को समर्पित कविसम्मेलन एवं मुशायरे में दूर-दूर से आये कवियों-शायरों की रचनाएं सुनकर श्रोतागण झूम उठे।खण्ड विकास अधिकारी ओपी मिश्र ने कवियों की सराहना की। मुख्य अतिथि कृषि राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी भइया के प्रतिनिधि जिलापंचायत सदस्य मनभवन शास्त्री के साथ विशिष्ट अतिथि चन्द्रभान राम,प्रधानाचार्य एसके मालवीय आदि ने सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित किया।हास्य कवि समीर शुक्ल ने वाणी वंदना के साथ कविसम्मेलन-मुशायरे का आगाज किया।रायबरेली से पधारे वरिष्ठ कवि सतीश कुमार सिंह ने सुंदर काव्यपाठ किया-नैतिकता का क्षरण हो रहा,चोट हमीं तो देते हैं, गलत-सही सब करवाने को नोट हमीं तो देते हैं। शिवगढ़ से आये हास्य कवि जमुना प्रसाद पाण्डेय अबोध ने खूब हंसाया-सुर ताल ना बने तो फिर गीत का करी,जब आईगा बुढापा शिलाजीत का करी।कवि एवं शायर शिवशरण बन्धु हथगामी ने गजल-गीत से श्रोताओं को सराबोर किया-अच्छी नहीं है बात तो फिर बात बदल दो,लम्बी है गम की रात तो ये रात बदल दो,तुम नाम बदलते हो बदलते रहो मगर,हम चाहते हैं देश के हालात बदल दो।शायर वारिस अंसारी ने पढ़ा-जिधर नजरें उठाता हूं उधर ही कंस दिखते हैं, तमन्ना है कि फिर से कृष्ण का अवतार हो जाये। लोकभाषा के हास्य कवि समीर शुक्ल ने श्रोताओं को लोटपोट कर दिया-हमार गांव मुदरी मा जैसे नगीना,बड़े-बड़े छोड़त हैं देख कै पसीना। हास्य सम्राट मधुप श्रीवास्तव नरकंकाल ने हंसी का खजाना लुटाया-इश्क में हम इस कदर मटियामेट हो गए,माशूका की शादी हो गई दो दिन लेट हो गए।एकमात्र कवियत्री कोमल नाजुक  ने सुनाया-कुछ भी कर न सका जब यहां आदमी,पत्थरों को खुदा वो बनाने लगा।कौमी एकता के शायर शिवम हथगामी को खूब सराहा गया-मुस्लिम के सेहरे को बनाते मेरे गांव के माली,राधा को चूड़ी पहनाते जुम्मन की घरवाली।इस कौमी यकजहती पर है जान मेरी कुरबान। रायबरेली से पधारे वाई पी सिंह की रचना सराही गई।युवा शाइर प्रवीण श्रीवास्तव प्रसून ने पढ़ा-रात तन्हा है मेरी और सहारे आंसू,खत्म उम्मीद नहीं और न हारे आंसू।नवीन शुक्ल ने पढ़ा-दुर्योधन घर श्याम रोज अब मेवा खाने आते हैं, खुद माधव ही चीरहरण के दांव सिखाने आते हैं।उमाकांत मिश्र,कुमार सौष्ठव आदि ने भी सुंदर काव्यपाठ किया।संचालन सतीश कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर,प्रधानाचार्य जिलापंचायत सदस्य योगेंद्र सिंह यादव,अजहर अली,वीरेंद्र सिंह,इफ्तखार अहमद,विपिन गुप्त,सूर्यप्रकाश सरोज,एसके दुवेदी,शिवशंकर शर्मा,छोटे लाल मौर्य,अंसार भाई, राधारमण पाण्डेय,रामबाबू शर्मा,धर्मेंद्र सिंह, पप्पू आजम,शिव सिंह,मोहसिन नईम,मतोला वर्मा,भोला नाथ शर्मा,अनिल सिंह, छत्रपाल मैनेजर,राजेंद्र सिंह, अशोक कुमार तिवारी,रामशंकर शास्त्री,अजय तिवारी आदि गणमान्य मौजूद रहे।अध्यक्षता स्वामी डॉ0एम. के. सिंह ने की।आभार प्रधानाचार्य डॉ0 एसके मालवीय ने व्यक्त ने किया।

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