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बुधवार, 30 जनवरी 2019

इंसानी व दीनी खिदमात के लिए सिमनानी ताज से नवाजे गए मौलाना हकीमुद्दीन

फतेहपुर, शमशाद खान । मदरसा जामिया मोहम्मदिया मआरिफुल हक रायपुर मुवारी के संस्थापक पीर-ए-तरीकत,हकीम-ए-मिल्लत हजरत मौलाना हकीमुद्दीन साहब को उनकी इंसानी एवं दीनी खिदमात को देखते हुए वर्ल्ड मशायख कौंसिल मुंबई के सदर एवं अशरफी चिश्ती फाउंडेशन अहमदाबाद के चेयरमैन ने मुंबई में एक धार्मिक समारोह में सूफी-सन्तों को दी जानी वाली उपाधि सिमनानी ताज से नवाजा और वे किछौछा शरीफ सिलसिले के बुजुर्ग बन गए। इस्लामिक दृष्टि से यह बेहद सम्मानित पदवी है।
उन्हें कौंसिल के सदर जां-नशीन हुजूर अशरफुल उलेमा हजरत अल्लामा मौलाना सय्यद खालिद अशरफ एवं फाउंडेशन के चेयरमैन शहजाद-ए-गाजी-ए-मिल्लत हजरत अल्लामा मौलाना सय्यद नूरानी मियां साहेब ने अशरफी ताज पहनाया। हथगाम क्षेत्र के रायपुर मुवारी के मशहूर आलिमे-दीन मौलाना हकीमुद्दीन गांव में एक बड़ा शिक्षा का केंद्र संचालित करते हैं जहां दीनी एवं दुनियावी दोनों तरह की तालीम दी जाती है। वे मुंबई में वर्षों से दीनी खिदमात अंजाम दे रहे हैं। अपने मदरसे में हर साल बड़े जलसे का आयोजन भी करते हैं। उनके हजारों भक्त हैं जो इंसानियत, भाईचारा एवं मुल्क में अम्न-ओ-अमान का पैगाम देते हैं। मौलाना हकीमुद्दीन साहब को सूफी के रूप में अम्न का पैगाम एवं इंसानी खिदमात के लिए इस पदवी से नवाजा गया है जो जनपद के लिए गौरव की बात है। उनके तीन पुत्र हैं और उनमें से दो पुत्र इस्लामिक विद्वान हैं। बड़े बेटे मौलाना अब्दुल हक जामी आला हजरत के जीवन पर पीएचडी कर चुके हैं और इस समय साउथ अफ्रीका के शहर जोहानिसबर्ग के साबरी चिश्ती ट्रस्ट की मस्जिद में खतीबो-इमाम हैं। छोटे बेटे मौलाना नुरुल हक निजामी इफ्ता करने के बाद मुफ्ती हैं जिन्हें फतवा देने का अधिकार है। इस्लाम में ये बड़ी पदवी है। एक बेटे कमर रिज्वानी बहरीन यूनिवर्सिटी में मकैनिकल इंजीनिरिंग के लेक्चरर हैं। मुफ्ती निजामी ने बताया कि लगभग साढ़े सात सौ साल पहले सिमनान के बादशाह मखदूम अशरफ सिमनानी ने इंसानियत को आम करने की गरज से राजपाट छोड़कर दरवेश (सूफी) बन गए और अम्बेडकर नगर जिले के किछौछा शरीफ आकर बस गए और शान्ति का संदेश देने लगे। उन्हीं की राह पर चलने वाले सूफी-संतों को सिमनानी ताज पहनाया जाता है। जनपद के मुवारी गांव के हजरत मौलाना हकीमुद्दीन साहेब पहले शख्स हैं जिन्हें यह सम्मान  मिला है।उनके भक्तों एवं मुरीदों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है।

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