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सोमवार, 28 जनवरी 2019

पुलिस के हत्थे चढ़ा सात वर्षों से फरार बीस हजार का ईनामिया हत्यारा

फतेहपुर, शमशाद खान । चांदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जारा मोड़ के समीप विगत सात माह पूर्व ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने एक लगभग 45 वर्षीय अधेड़ का अधजला शव बरामद किया था। वहीं घटना को गम्भीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक राहुल राज ने थानाध्यक्ष को घटना का जल्द से जल्द खुलासा करने के निर्देश दिये थे। उधर घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने छह लोगों को आरोपी बनाया था। जिसमें एक महिला भी शामिल थी। घटना का मुख्य आरोपी खुलासा होने के बाद से फरार चल रहा था। जिसे सोमवार को मुखबिर की सूचना पर थानाध्यक्ष ने अमौली बस स्टेशन के समीप से उस वक्त धर दबोचा जब वह कहीं भागने की फिराक में था। पुलिस अधीक्षक ने इससे पूर्व आरोपी के ऊपर बीस हजार का ईनाम घोषित किया था। 
सोमवार की दोपहर पुलिस लाइन के सभागार में पुलिस अधीक्षक राहुल राज ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए घटना का खुलासा करते हुए बताया कि सात माह से फरार हत्यारा रवीन्द्र उर्फ अरविन्द सिंह पुत्र तिलक सिंह निवासी ग्राम पुलहा बगहा थाना बीघापुर जनपद उन्नाव को आज सुबह मुखबिर की सटीक सूचना पर चांदपुर थानाध्यक्ष ने अपनी टीम के साथ धर दबोचा। उन्होने बताया कि इससे पूर्व हत्या में शामिल अन्य पांच लोगों को पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिनमें सुनील यादव उर्फ संजू यादव पुत्र शिवराम सिंह निवासी मलखानपुर थाना रसूलाबाद जनपद कानपुर देहात, दीपक ओमर पुत्र नरेश चन्द्र ओमर निवासी अमौली थाना चांदपुर, श्रीमती पुष्पा यादव पत्नी सुनील यादव निवासी बाटूका पुरवा छिटकहवा थाना रौनापार जिला आजमगढ़, सुनील यादव पुत्र स्व0 मोहित यादव निवासी बाटुकापुरा छिटकहवा थाना रौनापार जिा आजमगढ़ एवं दीपक सचान उर्फ घनश्याम बाबा पुत्र राम बाबू निवासी ग्राम बम्हौरी थाना सजेती जनपद कानपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। उन्होने बताया कि घटना का खुलासा होने के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। उसके विरूद्ध न्यायालय में एनबीडब्ल्यू व 82 सीआरपीसी की कार्रवाई की। उसके बावजूद भी वह अदालत में नहीं आया। जिस पर उन्होने उसके ऊपर बीस हजार का ईनाम घोषित कर दिया था। घटना का खुलासा करते हुए उन्होने बताया कि मृतक आशुतोष कटियार जिसका अपने ही सगे चाचा रवीन्द्र सिंह उर्फ अरविन्द सिंह की पुत्री से अवैध संबंध थे। इसकी भनक जब रवीन्द्र को हुयी तो उसने अपने साथियों से दो लाख रूपये की सुपारी दी थी। जिसमें पचास हजार रूपये पहले दे दिये गये थे। घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी रवीन्द्र सिंह ने 30 मई 2002 को मृतक आशुतोष कटियार की माता ममता देवी पत्नी महेन्द्र सिंह की गला काटकर निर्मम हत्या करने के बाद उसे जंगल में फेंक कर आग लगा दिया था। उन्होने बताया कि मृतक की पुत्री की शादी के बाद वह अपनी सारी जमीन उसके नाम कर रहा था। यह सब देख अरविन्द की नियत खराब हो गयी और उसने सुपारी देकर उसकी हत्या करा दी थी। 

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