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शनिवार, 9 फ़रवरी 2019

प्रतिदिन बढती जा रही धूम्रपान करने वालो की संख्या

फतेहपुर, शमशाद खान । प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता सभालते ही धूम्रपान पर प्रतिबन्ध लगाने के सख्त निर्देश दिये थे। जिसके चलते जिला प्रशासन ने निर्देशो का पालन करते हुये सरकारी कार्यालयो मे पूरी तरह से धूम्रपान पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद भी सरकारी कार्यालयों में लोग बेखौफ होकर पान व गुटका का सेवन करते है। मालूम हो कि धूम्रपान का सेवन करने से न जाने कितने लोग मौत के गाल में समा चुके है। फिर भी धूम्रपान करने वालों की संख्या घटने के बजाए प्रतिदिन बढ़ रही है। धूम्रपान पर अंकुश लगाने के लिए कई कानून भी बनें। लेकिन इन कानूनों का असर भी होता नही दिख रहा है। तमाम तम्बाकू उत्पाद उसी तरह से बिक्र रहे है और लोग इन उत्पादों का सेवन भी कर रहे है। शहर हो या गांव जगह-जगह गुमटियों एवं हांथ ठेलों पर पान की दुकाने सजी देखी जा सकती है। इन पान की दुकानों पर चूने के साथ रगड़कर खाने वाली तम्बाकू से लेकर पान, गुटखा, श्री, बीड़ी, सिगंरेट आदि की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। व्यस्कों की तो कोई बात नहीं लेकिन आज इन तम्बाकू उत्पादों का सेवन अव्यस्क भी तेजी के साथ कर रहे है। इन तम्बाकू उत्पादों का सेवन आज फैशन के रूप में किया जा रहा है। आज किसी मेहमान की चाहे जितनी खातिरदारी करो लेकिन यदि उसके स्वागत में सिगरेट गुटखा आदि नहीं उपलब्ध कराया गया तो खातिरदारी की वह अधूरा ही समझता है। धूम्रपान के बढ़ते चलन से तमाम लोग उम्र के पहले ही जहां इस दुनिया से रूखसत हो जाते है। वहीं कुछ लोग तमाम गम्भीर बीमारियों के शिकार होकर जीवन और मौत के बीच संघर्ष करते रहते है। इसके बाद भी धूम्रपान पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान को प्रतिबन्धित किया गया है। जिसके लिए कानून भी बना है। लेकिन इस कानून का भी कोई असर नही दिखाई दे रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर भी धुम्रपान धड़ल्ले से लोगों को करते देखा जा सकता है। एक समय वह था जब पुरूष वर्ग ही धूम्रपान करता था लेकिन आज यह हाल है कि महिलाएं भी बड़ी संख्या में धूम्रमान कर रही है। पान, गुटखा का सेवन करने के लिए पान की दुकानों पर पहुंचने से गुरेज नहीं करती है। बाकायदा गुटखा रिजर्व में लेकर चलती है। बस हो या टेªन पुरूषों के साथ साथ महिलाएं भी गुटखा चबाती दिख जाएंगी। इस तरह से हो रहे धूम्रपान की देखकर कोई यह नही कह सकता है कि इसे प्रतिबन्धित किया गया है या इसके लिए कोई कानून भी बना है। 

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