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सोमवार, 11 मार्च 2019

सोमवार को मार्गो पर जाम के झाम से हांफे शहरी

फतेहपुर, शमशाद खान । जैसे-जैसे दिन गुजर रहे हैं वैसे-वैसे शहर क्षेत्र में वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर जाम लगना प्रतिदिन की बात है। जाम के झाम से निजात दिलाये जाने के लिए पहल तो की जा रही है लेकिन इसका असर सड़कों पर दिखाई नहीं दे रहा है। सोमवार को भी शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर जाम के झाम से शहरी हांफ गये। इस जाम में एम्बुलेन्स के फंसने से सबसे अधिक मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन दिनों शहर में लगने वाले जाम का कारण जगह-जगह हो रहा निर्माण एवं मलबा है। लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल सड़को ंपर पड़े मलबे हो हटवाये जाने की मांग की है। 
बताते चलें कि शहर क्षेत्र के प्रमुख मार्गों में जीटी रोड, अस्पताल तिराहे से बिन्दकी बस स्टाप-स्टेशन रोड, अस्ती कोतवाली रोड, बांदा सागर मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों पर पूरा दिन वाहनों के साथ-साथ ई-रिक्शा व पैदल राहगीरों की आवाजाही रहती है। यह सभी प्रमुख मार्ग बेहद सकरे थे। जिससे लोगों को जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ता था। लेकिन तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने इस प्रमुख समस्या से लोगों को निजात दिलाये जाने का मन बनाया और शहर के प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई कर मार्गों को चैड़ा कर दिया। उनके इस प्रयासों पर पंख लगने ही वाले थे कि शासन ने उनका तबादला गैर जनपद कर दिया। डीएम का तबादला होने के अलावा चुनाव सिर पर आ जाना भी विकास कार्य में बड़ी बाधा है। इसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर प्रतिदिन सुबह से ही जाम का झाम देखने को मिलता है। क्योंकि इन सभी मार्गों पर आज भी मलबा पड़ा हुआ है। जिसकी साफ-सफाई नगर पालिका परिषद द्वारा करवायी तो जा रही है लेकिन बेहद कच्छप गति से कार्य हो रहा है। जिसके चलते यह सभी मार्ग ऊबड़-खाबड़ भी होते जा रहे हैं। सोमवार को ज्वालागंज चैराहे से लेकर सरांय मोड़ तक जाम का झाम रहा। बड़ी संख्या में बस, चार पहिया, दो पहिया व ई-रिक्शा सवार फंसे रहे। इसी तरह बाकरगंज चैराहे से लेकर जिला अस्पताल तिराहे तक भी जाम में सैकड़ों वाहन फंसे रहे। वहीं बिन्दकी बस स्टाप रोड पर डिवाइडर निर्माण कार्य के चलते प्रतिदिन लोग जाम से जूझ रहे हैं। जाम का यह झाम बांदा सागर रोड वर्मा तिराहे के निकट भी प्रतिदिन देखा जाता है। जाम लगने के कारण लोग गलियों का सहारा लेकर निकल तो जाते हैं। लेकिन बड़े वाहन सवार मार्गों पर लगे जाम में फंसे रहते हैं। जाम में जब एम्बुलेन्स फंस जाती है तो मरीजों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि मार्गों की चैड़ाई इतनी नही है कि जाम लगने के बाद फुटपाथ के रास्ते इन एम्बुलेन्स को अस्पताल तक पहुंचाया जा सके। इन सभी प्रमुख कारणों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। जिससे लोगों को जाम की समस्या से निजात मिल सके। 

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