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मंगलवार, 5 मार्च 2019

मुआवजे की मांग को लेकर सात शव रखकर लखनऊ राजमार्ग पर लगाया जाम

फतेहपुर, शमशाद खान । हुसैनगंज थाना क्षेत्र के बेला गांव मोड़ के समीप चैथी लेकर वापस आ रही बोलेरो अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गयी थी। जिसमें सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी थी। हादसे के बाद से गोपीपुर गांव में मातम का माहौल छाया हुआ था। मंगलवार को सभी शवों के अन्तिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी। इस वीभत्स घटना में अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के न पहुंचने से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सभी शवों को ले जाकर लखनऊ राजमार्ग स्थित सातमील तिराहे के समीप रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम, एएसपी, सीओ समेत कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराकर लगभग तीन घण्टे बाद राजमार्ग का आवागमन चालू करवाया। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लम्बी-लम्बी कतारें लग गयी थी। 
बताते चलें कि हुसैनगंज थाना क्षेत्र के गोपीपुर गांव निवासी दिनेश की पुत्री विमला की शादी हथगांव थाना क्षेत्र के नौरंगाबाद गांव में हुयी थी। रविवार को दिनेश का पूरा परिवार व रिश्तेदार विमला की चैथी लेकर नौरंगाबाद गांव से बोलेरो द्वारा वापस गोपीपुर गांव आ रहे थे। जैसे ही बोलेरो हुसैनगंज थाना क्षेत्र के बेला गांव के समीप पहुंची तभी चालक नियंत्रण खो बैठा और अनियंत्रित बोलेरो पेड़ से टकरा गयी थी। इस हादसे में घटनास्थल पर ही पांच लोगों की मौत हो गयी थी। जबकि आधा दर्जन लोग गम्भीर रूप से घायल हो गये थे। सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल से कानपुर रिफर किया गया था। कानपुर में इलाज के दौरान दो घायलों ने दम तोड़ दिया था। एक साथ सात लोगों की मौत हो जाने से गोपीपुर गांव में मातम का माहौल छा गया था। दुर्घटना के बाद सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। मंगलवार की सुबह सभी शवों के अन्तिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी। परिजनों को ढांढस बंधवाने के लिए कोई भी जनप्रतिनिधि या आला अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। जिससे ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर सभी शवों को ले जाकर लखनऊ राजमार्ग स्थित सातमील तिराहे पर रख दिया और पुलिस प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जाम लगाये जाने के कारण दोनों ओर का यातायात बाधित हो गया। वाहनों की लम्बी-लम्बी कतारें लग गयी। जाम की सूचना मिलते ही हुसैनगज थानाध्यक्ष तत्काल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े रहे। जब जाम की जानकारी आला अधिकारियों को हुयी तो उप जिलाधिकारी सदर प्रमोद कुमार झा, अपर पुलिस अधीक्षक पूजा यादव, पुलिस उपाधीक्षक जाफरगंज सहित कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। एसडीएम व एएसपी ने ग्रामीणों को मुआवजा दिलाये जाने का आश्वासन देकर लगभग तीन घण्टे बाद जाम खुलवा दिया। तत्पश्चात ग्रामीण सभी शवों को लेकर अन्तिम संस्कार के लिए चले गये। जाम खुलते ही दोनों ओर का आवागमन सुचारू रूप से संचालित हो सका। 

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