AMJA BHARAT एक वेब न्‍यूज चैनल है जिसे कम्‍प्‍यूटर, लैपटाप, इन्‍टरनेट टीवी, मोबाइल फोन, टैबलेट इत्‍यादी पर देखा जा सकता है। पर्यावरण सुरक्षा के लिये कागज़ बचायें, समाचार वेब मीडिया पर पढें

रविवार, 14 अप्रैल 2019

आदर्श रेलवे स्टेशन में शीतल जल के लिए मच रही मारामारी

फतेहपुर, शमशाद खान । स्थानीय रेलवे स्टेशन को जब आदर्श रेलवे स्टेशन का तमगा मिला था तो लोगों को आस जागी थी कि अब यहां की व्यवस्थाओं में सुधार आ जायेगा। कानपुर, इलाहाबाद महानगरों के जैसी व्यवस्थाएं इस स्टेशन पर भी मिलने लगेगी। लेकिन लोगों को क्या मालूम था कि उनकी इस आस पर पानी फिर जायेगा। क्योंकि इस रेलवे स्टेशन का ढर्रा आज भी वैसा ही है जैसा पहले हुआ करता था। इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही हैं। गर्मी के मद्देनजर रेलवे विभाग द्वारा स्टेशन में खराब पड़े फ्रीजरों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिसके चलते एक को छोड़कर सभी फ्रीजर धड़ाम है और यात्रियों के बीच शीतल जल को लेकर प्रतिदिन मारामारी देखी जा सकती है। 
बताते चलें कि आदर्श रेलवे स्टेशन में सुविधाओं का बेहद टोटा है। कहने को तो यह आदर्श रेलवे स्टेशन है लेकिन सुविधाएं किसी ग्रामीण क्षेत्र जैसी ही हैं। यहां न तो शौचालय की समुचित व्यवस्था है और न ही पार्किंग की। यात्रियों को शीतल जल उपलब्ध कराने के लिए जगह-जगह फ्रीजर तो लगे हुए हैं लेकिन वह पानी नहीं उगल रहे हैं। क्योंकि एक बार फ्रीजर स्थापित कर दिये जाने के बाद दोबारा उसकी रिपेयरिंग विभाग द्वारा नही करायी गयी। जिसका नतीजा यह निकला कि सभी फ्रीजर एक-एक कर खराब हो गये। इस भीषण गर्मी में आलम यह है कि मात्र एक फ्रीजर से ही काम चलाया जा रहा है। सभी यात्री इसी फ्रीजर में लाइन लगाकर पानी भर कर प्यास बुझाने को मजबूर हैं। जैसे ही स्टेशन पर ट्रेन रूकती है तो यात्री शीतल जल के स्टाल की ओर भागते हैं और जैसे ही वह फ्रीजर में बोतल लगाकर पानी भरते हैं तो उन्हें पता चलता है कि फ्रीजर खराब हैं। जब किसी से जानकारी हासिल करते हैं तो उन्हें पता चलता है कि यहां के सारे फ्रीजर खराब हैं सिर्फ एक चालू हैं। जिस पर वह ढूढते-ढूढते उस फ्रीजर तक तो पहुंच जाते हैं लेकिन जैसे ही उनका नम्बर आता है ट्रेन अपने गन्तव्य स्थान के लिए चल पड़ती है। इस तरह से यात्रियों को इस आदर्श रेलवे स्टेशन में शीतल जल के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से खराब पड़े फ्रीजरों को तत्काल बनवाये जाने की मांग की है। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Advertisement

Advertisement

लोकप्रिय पोस्ट