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सोमवार, 1 अप्रैल 2019

अतिक्रमण अभियान के बाद भी जाम की समस्या से जूझता यातायात

फतेहपुर, शमशाद खान । शहर में जाम की समस्या दिन पर दिन गंभीर रूप लेती जा रही है। शहर का शायद ही ऐसा कोई चैराहा हो जहाँ प्रतिदिन लोग घण्टो जाम की समस्या से जूझते हुए न देखे जा सकते हो। जाम लगने वाले प्रमुख चैराहों में सदर अस्पताल तिराहा, बाकरगंज, रोडवेज बस स्टॉप, ज्वालागंज, वर्मा चैराहा, आईटीआई मोड तिराहा, पटेल नगर व राधानगर ऐसे चैराहे हैं जहां प्रतिदिन लोग जाम में फंसने को मजबूर हैं। बाईपास से शहर में प्रवेश करते ही सदर अस्पताल तिराहा, बाकरगंज, रोडवेज बस स्टॉप, वर्चुअल अर्जेंट चैराहे सबसे अधिक जाम लगने वाले चैराहों में से एक हैं। शहर में चलाए जा रहे अतिक्रमण अभियान से शहरवासियों को जाम की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है जागी थी लेकिन अतिक्रमण अभियान समाप्त होने के बाद भी सभी चैराहों पर जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है। जाम लगने की मुख्य समस्या में से एक अतिक्रमण अभियान से सड़क के दोनों ओर से खाली स्थानों पर वाहन स्वामियों द्वारा अवैध कब्जा कर अपने वाहन पार्क करना व सड़क के दोनों ओर खाली स्थान व फुटपाथ पर ठेलिया व अवैध कब्जा जमाकर दुकानों का लगाया जाना है। कोढ़ में खाज का काम शहर के अंदर घुसे बड़े वाहन करते है। जिनमे रोडवेज बसों द्वारा भीड़भाड़ वाले स्थानों से होकर बसों को ले जाया जाता है। साथ ही स्टाप के इतर कही से भी सवारियों को उतारने व बिठाने का कार्य किया जाता है। वही अप्रशिक्षित ई रिक्शा चालकों व नई उम्र के फर्राटा भरने वाले वाहन चालक भी जाम लगने की अहम समस्या बनते है। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी द्वारा शहर की जाम की समस्या देखते हुए रोडवेज बसों का संचालन सुबह आठ बजे के बाद से रात आठ बजे तक आबूनगर व बाकरगंज के स्थान से केवल लोधीगंज बाईपास से आने व जाने की व्यवस्था की गयी थी। जिससे शहरवासियों को जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिल गयी थी लेकिन तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के स्थानान्तरण होने के बाद से यातायात की व्यवस्था एक बार फिर से बेपटरी हो चुकी है। जाम की समस्या के कारण स्कूल बसों में फंसे छोटे छोटे बच्चे, निजी वाहनों के साथ साथ मरीजों को लेकर जाने वाली एम्बुलेन्स भी अक्सर जाम में फंसी दिखाई दे जाती है। यातायात पुलिस एवं होमगार्ड जवानों को चैराहों पर लगे हुए जाम से जूझते हुए देखा जा सकता है। परन्तु नोसिखिया चालको व फुटपाथ पर अवैध कब्जो के कारण लगने वाले जाम के आगे यातायात पुलिस के जवान भी लाचार से दिखाई देते है। अतिक्रमण अभियान से जाम की समस्या से छुटकारा पाने की आस लगाए शहर की जनता को फिलहाल जाम की समस्या से से निजात मिलती हुई दिखाई नही दे रही।

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