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मंगलवार, 16 अप्रैल 2019

मौसम में हुए परिवर्तन से किसानों के माथे पर आई चिन्ता की लकीरें

फतेहपुर, शमशाद खान । सोमवार की रात से मौसम में अचानक हुए परिवर्तन के बाद से किसानों के माथे पर चिन्ता की लकीरें आना स्वाभाविक है। देर रात आंधी के साथ हुयी बूंदाबादी से किसान बेहद चिन्तित हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि दो दिनों के भीतर तेज आंधी के साथ बारिश होनी है। इस चेतावनी को सुनते ही किसान तेजी के साथ अपनी कटी हुयी गेहूं की फसल को समेटने में जुट गये हैं। वहीं कुछ किसानों की फसल अभी भी खेतों पर खड़ी है। जिससे वह बेहद परेशान हैं। मौसम में हुए परिवर्तन से आमजन को भीषण गर्मी से राहत महसूस हुयी। मंगलवार को पूरा दिन सड़कों पर सन्नाटा भी नजर नहीं आया। युवा वर्ग मौसम का आनन्द बाइकों पर फर्राटा भरकर उठाते नजर आये। 
बताते चलें कि पिछले दस दिनों से सूर्य देवता के तेवर कुछ ज्यादा ही चढ़े हुए थे। सुबह से ही तेज धूप के कारण दोपहर होते-होते लोग अपने-अपने घरों में पहुंच जाते थे। जिससे पूरा दिन सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता था। गर्मी के कारण बाहर निकलने वाले लोग टोपी, अंगौछा, छतरी व चश्मे का इस्तेमाल कर रहे थे। इस भीषण गर्मी से सबसे अधिक नन्हे मुन्ने बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अचानक बढ़ी गर्मी से सभी बेचैन दिखाई दे रहे थे। लेकिन एकाएक मौसम में सोमवार की रात परिवर्तन हो गया। घनघोर घटाओं के बीच बदरा छा गयी और आंधी शुरू हो गयी। तेज आंधी के कारण आम की बौर को काफी नुकसान हुआ है। आंधी के बाद हल्की बूंदाबांदी भी हो गयी। मौसम में अचानक हुए परिवर्तन के कारण किसानों के माथे पर चिन्ता की लकीरें आना स्वाभाविक है। क्योंकि अभी तक फसलें खेतों पर ही पड़ी थी। एक अनुमान के मुताबिक अभी तक सिर्फ साठ प्रतिशत ही फसल काटी गयी है। वह भी अभी खेतों पर बोझ के रूप में पड़ी हुयी है। किसान धीरे-धीरे अपनी फसलों की कुटाई कराकर गेहूं व भूसे को रखने का काम कर रहे थे। लेकिन बीती रात अचानक हुए मौसम परिवर्तन से किसान तेजी के साथ अपनी फसलों को समेटने में जुट गया है। इसके अलावा जिन किसानों के खेतों पर अभी फसल खड़ी है वह भी जल्दी-जल्दी अपनी फसलों को कटवाने में लगे हुए हैं। इस बाबत जब किसानों से बात की गयी तो उनका कहना रहा कि मौसम विभाग ने दो दिनों के भीतर तेज आंधी व बारिश की चेतावनी जारी की है। यदि ऐसा हो गया तो उनकी फसलें बर्बाद हो जायेगी और उनकी मेहनत पर पानी फिर जायेगा। किसानों का कहना रहा कि भगवान की लीला क्या है उन्हें नहीं मालूम। लेकिन यदि चेतावनी सच हो गयी तो वह बर्बादी की कगार पर आकर खड़े हो जायेंगे। किसानों ने बताया कि वह फसलों को जल्दी-जल्दी समेटने में लगे हुए हैं। मौसम में अचानक हुए परिवर्तन से जहां किसान परेशान हैं वहीं शहरी लोगों के चेहरों पर मुस्कान साफ दिखाई दे रही है। लोगों का कहना रहा कि भीषण गर्मी के कम होने से उन्होने राहत महसूस की है। मंगलवार को पूरा दिन बदरा छाये रहे। हल्की धूप निकलने से ठण्डी हवाएं चलती रहीं। युवा वर्ग बाइकों पर फर्राटा भरते हुए मौसम का आनन्द उठाते नजर आये। मार्गों पर पूरा दिन भीड़भाड़ रही। 

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