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गुरुवार, 4 अप्रैल 2019

कमिश्नर के आदेशों के बावजूद नही हट सका घंटाघर से अतिक्रमण

कानपुर नगर, हरिओम गुप्ता -  नगर की पुलिस पर न ही किसी अधिकारी के आदेशो का असर होता है और नही शहर की जनता की परेशानी से उन्हे कोई वास्ता हैं जेब गर्म होती रहे और काम चलता रहे इस शैली में कानपुर की पुलिस काम करती है। 
               घंटाघर चैराहे पर भीषण अतिक्रमण के कारण रोजाना हजारो वाहन सवारो और जनता को जाम झेलना पडता है और पूर्व में मंडलायुक्त ने इस सम्बनध में पुलिस को फटकार भी लगायी थी लेकिन पुलिस अफसरों पर इस बात का आज तक कोई असर नही पडा है और चैराहे के चारो ओर भीषण अतिक्रमण व्याप्त है। चैराहे से टाटमिल जाने वाली रोड के दाहिनी ओर रेलवे की दीवार है अब तो वहां भी अतिक्रमण हो गया है वहीं आदेशो के बावाजूद अभी तक चैराहे के चारो ओेर फुटपाथ और सडक का अतिक्रमण नही हटवाया गया। चैराहे के मंजूश्री टाकीज की तरफ आॅटो, रिक्श, ईरिक्शा वालो का कब्जा रहता है साथ ही भोजनालयो की भटटी सुलगने से लेकर बर्तन धोने का काम भी सडक पर ही होता है। नीलम होलट वाला तो रात को मेज भी सडक पर रखवाकर भोजन कराता है वहीं भूसाटोली और एक्सपे्रस रोड जाने वाली सडक पर ठेले वालो का कब्जा है। बताया जाता है कि पुलिस अतिक्रमणकरियों से पैसा लेती है। हर ठेले से रोज का हिसाब किया जाता है और इसी लिए पुलिस अतिक्रमण हटवाने का प्रयास नही करती है। घंटाघर चैराहे से ठेले वालो तथा कब्जेदारो से प्रतिदिन हजारो रू0 की वूसली की जाती है।

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