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शनिवार, 13 अप्रैल 2019

अप्रैल माह में ही जेठ की दोपहरी का हो रहा एहसास

फतेहपुर, शमशाद खान । अप्रैल का महीना शुरू होते ही लोगो को जेठ की गर्म दोपहर का एहसास होने लगा है। लू के थपेड़ों के कारण आम जनमानस का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। दोपहर की तेज धुप होने व लू चलने के कारण अधिकतर लोग अपने जरूरी कामो को सुबह व शाम को निपटा कर दोपहर में कूलर व ऐसी में दुबकने की मजबूर हो गये है। जबकि बीच दोपहर में जरूरी कार्यो से घरों से निकलने वाले लोग छाते, कैप व गमछा का सहारा लेकर चेहरे को ढंकने को मजबूर है। गर्मी बढ़ने के कारण अपराह्न एक बजे के बाद से ही सड़कों पर सन्नाटा जैसा छाने लगा है। लोग गन्ने के जूस, बेल का शर्बत, तरबूज, खीरा व ककड़ी जैसे फलों का प्रयोग कर गर्मी से राहत पाने के उपाय ढून्ढ रहे है। वही अचानक मौसम में आये परिवर्तन के कारण वही ग्रामीण क्षेत्रो में गर्मी के कारण संक्रमक बीमारियों ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में दिनों दिन इजाफा भी शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक इस दिशा में कोई कारगर कदम नहीं उठाये गये हैं। जिससे आने वाले समय में स्थिति और भी भयावह होने के आसार हैं। जिला चिकित्सालय खागा तहसील के हरदो, बिन्दकी जहानाबाद, हुसैनगंज सामुदायिक केंद्र असोथर बहुआ गाजीपुर तेलियानी आदि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संक्रमक बीमारियों से निपटने के कोई खास व्यवस्था नही की गयी है। अस्पतालों में न तो पर्याप्त संसाधन है और न ही स्टाफ। आम आदमी जहाँ अप्रैल माह में अभी से ही पड़ रही गर्मी की भीषकता के आगे अभी से बेहाल दिखाई दे रहा है। जबकि अभी अप्रैल माह के दो सप्ताह ही हुए है। मई जून जैसे भीषण गर्मी के दो माह अभी और आना बाकी है जिसे सोचकर ही लोग गर्मी से पनाह मांग रहे है।

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