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शुक्रवार, 24 मई 2019

सूर्य का प्रचण्ड रूप: पारा हुआ 45 के पार

फतेहपुर, शमशाद खान । शुक्रवार की सुबह मौसम सुहावना तो रहा लेकिन जैसे ही सुबह के दस बजे सूर्य का प्रचण्ड रूप लोगों के सामने आ गया। दोपहर के समय पारा 45 के पार हो गया। जिससे आम जनजीवन बिलबिला उठा। वहीं पानी देखते ही पशु-पक्षी गोता लगाते दिखाई दिये। पूरा दिन मार्गों पर सन्नाटा पसारा रहा। तपिश और गर्मी के चलते जरूरी काम होने पर ही लोग बाहर निकल रहे है। तापमान बढने से पंखे, कूलर ही नही एसी भी जवाब देने लगे। उधर बिजली की आवाजाही के चलते भी लोग बेहद परेशान है। जिससे मरीजों की संख्या में दिनों दिन बढ़ोत्तरी हो रही है। सदर अस्पताल के साथ-साथ प्राइवेट नर्सिंग होमों व क्लीनिकों में मरीजों की भीड़ देखी जा सकती है।
लगभग डेढ़ माह से पड़ रही भीषण गर्मी से अब लोग ऊब चुके हैं। बारिश का बेसब्री से इंतेजार हो रहा है। लेकिन वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी से जनजीवन त्राहि-त्राहि कर रहा है। जिससे रोज हजारो लोग डाक्टरो की शरण में पहुंच रहे है। लोगों को उम्मीद है कि आगामी दस जून से मानसून की बौछारे जनसमुदाय को राहत दिला सकती है। भीषण गर्मी के चलते विद्युत व्यवस्था भी पूर्णरूप से चरमरा गयी है। नये सेड्यूल के अनुसार विद्युत की आवाजाही गर्मी को और बढा रही है। जिससे जनसमुदाय का रात को सोना भी दूभर हो गया है। वहीं ठंडे पानी के लिए लोग फ्रिज को छोड़ बर्फ पर आश्रित हो रहे है। बर्फ की बढती मांग ने बर्फ व्यवसायियों की भी लाटरी खोल दी है। वहीं गर्मी को लेकर नन्हे-मुन्हे नौनिहालों को भी उल्टी, पेट दर्द, पेचिस की शिकायत अत्यधिक हो रही है। अस्पताल के बेड भर गये है। वहीं अस्पताल में एडमिट मरीज बिजली की आवाजाही से हाल-बेहाल है। किसान भाई भी पानी की कमी को लेकर चिंता में है। गांव-गांव में जलस्तर घटता जा रहा है। मवेशियों के लिए पानी की कमी बढती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रो में स्थापित राजकीय नलकूप अधिकतर तो खराब पड़े है या बंद है। मनरेगा के तहत गांव-गांव में खोदे गये तालाबों में भी धूल उड़ रही है। ग्रामीणो को हैण्डपम्प एवं कुंओं का ही सहारा बचा है। वहीं शहरी क्षेत्र में भी जलापूर्ति को लेकर दुश्वारियां पैदा है। विद्युत की आपूर्ति में बाधा के चलते जलापूर्ति प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन द्वारा जलापूर्ति को लेकर ग्रामीण सहित शहरी क्षेत्रों में प्रबंध तो किये गये है। लेकिन वह भी हवा हवाई साबित हो रहे है।

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