AMJA BHARAT एक वेब न्‍यूज चैनल है जिसे कम्‍प्‍यूटर, लैपटाप, इन्‍टरनेट टीवी, मोबाइल फोन, टैबलेट इत्‍यादी पर देखा जा सकता है। पर्यावरण सुरक्षा के लिये कागज़ बचायें, समाचार वेब मीडिया पर पढें

बुधवार, 22 मई 2019

इंजीनियर हत्याकाण्ड का खुलासा: पुलिस के हत्थे चढ़े दो हत्यारे

फतेहपुर, शमशाद खान । थरियांव थाना क्षेत्र के एकारी मार्ग में विगत एक सप्ताह पूर्व हुई जीएमआर कम्पनी के इंजीनियर की कम्पनी जाते समय अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस सरगर्मी से हत्यारों की तलाश में जुटी थी। पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी और दो हत्यारों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जबकि हत्या के मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस मुख्य अभियुक्त की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस लाइंस के सभागार में पत्रकारों से रूबरू होते हुये पुलिस अधीक्षक कैलाश सिंह ने घटना का खुलासा करते हुये बताया कि जनपद फिरोजाबाद के थाना शिकोहाबाद निवासी जीएमआर कम्पनी के इंजीनियर अजय सिंह पुत्र मलखान सिंह की 14 मई को बाइक में सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दिया था। जिस पर मामले को गंभीरता से लेते हुये घटना का खुलासा करने हेतु पुलिस की टीमें गठित की गयीं। उन्होंने बताया कि घटना स्थल का निरीक्षण अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज जोन एस एन सावंत ने किया था और घटना का जल्द से जल्द खुलासे के निर्देश दिये थे। उन्होंने बताया कि रेलवे निर्माण कार्य का ठेका जीएमआर ने अपने अधीनस्थ काम करने के लिये विभिन्न ठेकेदारों को दिया गया था। उन्होंने बताया कि ठेकेदारों द्वारा किये जा रहे काम की गुणवत्ता परखने के लिये जीएमआर ने शिस्ट्रा कम्पनी से करार कर रखा था। उन्होंने बताया कि गुणवत्ता किये जाने के अनुमोदन के उपरांत ठेकेदारों का भुगतान देता था। मृतक अजय के जिम्मे रेलवे निर्माण कार्य में ब्रिज बनाये जाने वाले कार्यों में रिपोर्ट देने का था। उन्होंने बताया कि जनपद के एकारी, मुरादीपुर और सरसौल सेक्शन में कुछ ब्रिज बनाने का ठेका आयुश शर्मा पुत्र विष्णु प्रकाश शर्मा निवासी हनुमानगंज थाना उत्तर फिरोजाबाद को दे रखा था। पहले तो मानक के अनुरूप काम किया। जिस पर जीएमआर ने उसका भुगतान भी किया। लेकिन कुछ महीनों से गुणवत्ता परक काम न होने के कारण मृतक इंजीनियर अजय सिंह द्वारा भुगतान रोक दिया गया था। उधर भुगतान रूक जाने के कारण आयुश आर्थिक रूप से परेशान हो गया था। यही नहीं वह अपने अधीनस्थ कर्मचारियों व अन्य सम्बन्धित बकायेदारों का कर्ज नहीं दे पा रहा था। जिसके चलते उसने अपने सहयोगी चालक मनीष व सुनील, चैकीदार मुखिया और मित्र लम्बू के साथ मिलकर अजय की हत्या करने की योजना बना डाली। जिसके चलते 14 मई की सुबह योजनाबद्ध तरीके से जैसे ही अजय सिंह की बुलेरो एकारी मार्ग पर पहुंची। तभी उसकी हत्या कर दी गयी। पुलिस की गिरफ्त में आये मुखिया पुत्र जगरूप निवासी पामेपुर थाना खागा व ओमप्रकाश उर्फ लम्बू पुत्र स्व.रामकृपाल लोधी निवासी मउ थाना कोतवाली, फतेहपुर को गिरफ्तार किया है। जबकि इस हत्या के मुख्य आरोपी मनीष जाधव, सुनील जाधव, आयुश शर्मा की तलाश जारी है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Advertisement

Advertisement

लोकप्रिय पोस्ट