AMJA BHARAT एक वेब न्‍यूज चैनल है जिसे कम्‍प्‍यूटर, लैपटाप, इन्‍टरनेट टीवी, मोबाइल फोन, टैबलेट इत्‍यादी पर देखा जा सकता है। पर्यावरण सुरक्षा के लिये कागज़ बचायें, समाचार वेब मीडिया पर पढें

गुरुवार, 16 मई 2019

रिमझिम बारिश के बीच निकली कड़ी धूप से झुलसाया शरीर

फतेहपुर, शमशाद खान । गुरूवार की सुबह मौसम सुहावना रहा और रिमझिम बारिश भी हुयी। लेकिन कुछ ही पलों में मौसम में फिर करवट ले रही और सूर्य देवता ने आसमान से आग बरसानी शुरू कर दी। इस कड़ी धूप से सभी के शरीर को मानो झुलसा दिया। 42 डिग्री पारा पहुंचने से लोग पसीना-पसीना रहे और भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग तरह-तरह के जतन करते दिखाई दिये। तपिश और गर्मी के चलते जरूरी काम होने पर ही लोग बाहर निकले। तापमान बढने से पंखे, कूलर ही नही एसी भी जवाब देने लगे।
गर्मी की अधिकता से रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ रहा है। जिससे रोज हजारो लोग डाक्टरो की शरण में पहुंच रहे है। उम्मीद तो यह है कि तापमान बढने का यह क्रम जून के पहले सप्ताह तक तक जारी रहने की संभावना है। बीच-बीच हल्की बूंदाबांदी तो हो रही है लेकिन यह बारिश कोढ़ में खाज का काम कर रही है। बारिश के बाद निकलने वाली धूप से मानो शरीर झुलस रहा हो। यह सिलसिला जून के पहले पखवारे तक चलेगा उसके बाद ही मानसून आने पर लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। उधर बिजली की आवाजाही गर्मी को और बढा रही है। जिससे जनसमुदाय का रात को सोना भी दूभर हो गया है। वहीं ठंडे पानी के लिए लोग फ्रिज को छोड़ बर्फ पर आश्रित हो रहे है। बर्फ की बढती मांग ने बर्फ व्यवसायियों की भी लाटरी खोल दी है। वहीं गर्मी को लेकर नन्हे-मुन्हे नौनिहालों को भी उल्टी, पेट दर्द, पेचिस की शिकायत अत्यधिक हो रही है। अस्पताल के बेड भर गये है। वहीं अस्पताल में भर्ती मरीज बिजली की आवाजाही से हाल-बेहाल है। किसान भाई भी पानी की कमी को लेकर चिंता में है। गांव-गांव में जलस्तर घटता जा रहा है। मवेशियों के लिए पानी की कमी बढती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रो में स्थापित राजकीय नलकूप अधिकतर तो खराब पड़े है या बंद है। मनरेगा के तहत गांव-गांव में खोदे गये तालाबों में भी धूल उड़ रही है। ग्रामीणो को हैण्डपम्प एवं कुंओं का ही सहारा बचा है। वहीं शहरी क्षेत्र में भी जलापूर्ति को लेकर दुश्वारियां पैदा है। विद्युत की आपूर्ति में बाधा के चलते जलापूर्ति प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन द्वारा जलापूर्ति को लेकर ग्रामीण सहित शहरी क्षेत्रों में प्रबंध तो किये गये है। लेकिन वह भी हवा हवाई साबित हो रहे है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Advertisement

Advertisement

लोकप्रिय पोस्ट