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शनिवार, 18 मई 2019

इंजीनियर हत्याकाण्ड: अब भी पुलिस के हाथ खाली

फतेहपुर, शमशाद खान । पांच दिन पूर्व हुए इंजीनियर हत्याकांड में पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। घटना के पाँच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी भी घटना के खुलासे के आस पास तक नहीं पहुंच सकी। बहुचर्चित रेलवे इंजीनियर अजय कुमार सिंह हत्याकांड में पुलिस की टीम लगातार छापेमारी तो कर रही हैं लेकिन सफलता के नाम पर पुलिस के हाथ अभी तक कुछ खास नही लग सका है। 
बताते चलें कि सोमवार को रेलवे के डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में इंजीनियर रहे कुमार सिंह की थरियांव थाने के एकारी मोड़ के निकट रेलवे प्लांट जाते समय अज्ञात नकाबपोश बाइक सवार हत्यारों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस अधीक्षक कैलाश सिंह द्वारा सीओ कपिलदेव मिश्रा की अगुवाई में तीन टीमों का गठन करते हुए तत्काल घटना के खुलासे के निर्देश दिए गए थे। घटना के खुलासे के लिए लगाई गई पुलिस टीम इंजीनियर हत्याकांड में लगातार तीन प्रमुख बिंदुओं पर नजर गड़ाए हुए हैं। जिसमें इंजीनियर के अफेयर, गाँव की पुरानी रंजिश और रेलवे ठेकेदारों द्वारा काम की जांच या फिर भुगतान को लेकर किसी तरह का मनमुटाव होने की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है। सीओ कपिल देव मिश्रा की अगुवाई में खुलासे में लगी पुलिस टीम ताबड़तोड़ छापे मारकर साक्ष्य जुटाने के लिए हाथ पैर मार रही है लेकिन इंजीनियर हत्याकांड में अभी तक  पुलिस के हाथ कोई अहम सबूत नही लग सका है। जबकि पुलिस की मानें तो वह घटना के तार रेलवे ठेके के वर्चस्व को लेकर या फिर ठेकेदारों की पेमेंट की जांच से भी जोड़कर आगे बढ़ रही है। घटना को अंजाम देने के लिए भाड़े के हत्यारे या फिर शार्प शूटर के शामिल होने की प्रबल संभावनाएं भी पुलिस द्वारा जताई जा रही है। वहीं पुलिस के रडार पर इंजीनियर अजय कुमार सिंह का एक बहुत करीबी ठेकेदार भी आ चुका है जिसके कानपुर स्थित आवास पर अक्सर इंजीनियर अजय कुमार सिंह का आना जाना बताया जाता है। घटना के बाद करीबी ठेकेदार द्वारा इंजीनियर के अंतिम संस्कार में शामिल न होना भी लोगो के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं खुलासे में लगी पुलिस की टीम द्वारा प्रयागराज स्थित एक होटल से दो शार्प शूटरों को अवैध असलहा के साथ गिरफ्तार किया गया है। जिसकी निशानदेही पर एकारी स्थित प्लांट में कार्य करने वाले प्लांट के एक कर्मचारी को भी हिरासत में लिया गया है। जांच टीमों द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों से घटना के बाबत पूछताछ की जा रही है लेकिन पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। इंजीनियर अजय कुमार प्लांट के अलावा साइट पर रेलवे के चल रहे कार्यो का भी सत्यापन करते थे। घटना का कारण ठेकेदारों की किसी तरह की जांच होने की आशंका जाहिर की जा रही है। डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर के निर्माण में मिट्टी व गिट्टी की भी सप्लाई समेत कई तरह के कार्य ठेकेदारो द्वारा किये जा रहे है। जिसको लेकर किसी तरह के विवाद होना भी इंजीनियर की हत्या का कारण हो सकता है। वहीं पुलिस द्वारा इंजीनियर अजय कुमार सिंह हत्याकांड में लव एंगल को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में कई युवतियों के नाम भी निकल कर आए हैं। जिसके बाबत पुलिस द्वारा जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस टीम इंजीनियर अजय कुमार सिंह के निवास स्थान फर्रुखाबाद जनपद के शिकोहाबाद थाने स्थित रामनगर में भी जाकर घटना से सम्बंधित जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। मृतक इंजीनियर के परिजनों द्वारा कम्पनी के अधिकारी ठेकेदार व ड्राइवर पर हत्या में शामिल होने की शंका जाहिर की है। रेलवे इंजीनियर की हत्या की गुत्थी को सुलझाने में जुटी पुलिस मृतक इंजीनियर के एंड्रॉएड मोबाइल फोन व कीपैट वाले फोन की लोकेशन ट्रेस कर हत्यारो का शहर से कनेक्शन निकाल चुकी है। जिसकी लोकेशन नऊवाबाग बाईपास से होकर शहर के भीतर प्रवेश करने व पीसीएफ गोदाम तक मिली है। जिसके बाद हत्यारो द्वारा मोबाइल फोन को सम्भवतः स्विच ऑफ कर दिया होगा। हत्यारो द्वारा घटना को अंजाम देने के बाद इंजीनियर के दोनों मोबाइल फोन को लूटने का मकसद स्पष्ट रूप से मोबाइल में उपलब्ध काल रिकार्डिंग समेत साईट से सम्बंधित फोटोग्राफों व अन्य दस्तावेजों को मिटाने के उद्देश्य से किया गया होगा। चुनौती बने इंजीनियर हत्याकाण्ड का खुलासा करने के लिए पुलिस इंजीनियर के मोबाइल की काल डिटेल खंगालने के साथ ही जीएमआर कंपनी के अफसरो व प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियो से बयान लेने के साथ ही ठेकेदारों व उनके गुर्गो को चिन्हित कर घटना की तह तक जाकर जल्द से जल्द घटना का खुलासा करना चाहती है। लेकिन घटना के कई दिन बीतने के बाद भी चर्चित हत्याकाण्ड का खुलासा न हो पाना पुलिस के लिये बड़ी चुनौती बनी हुई है। घटना को लेकर कंपनी के अफसरो के साथ ही प्लांट कर्मचारी भी भयभीत नजर आ रहे है। हलाकि प्लांट में फोर्स की तैनाती करने के साथ ही कर्मचारियों को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।

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