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शिक्षक से गुरू विषय पर संगोठी का आयोजन

कानपुर नगर, हरिओम गुप्ता - भारतीय शिक्षण मण्उल के तत्वाधान में बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इण्टर कालेज में शिक्षक से गुरू विषयर पर सेंगोष्ठी का आयोजित की गयी, जिसमें मुख्य अतिथि संस्था के राष्ट्रीय स िसंगठन मंत्री शंकरानन्द ने कहा कि शिक्षक गुरू बन जाये तो हमारा देश पुनः सवर्ग बन जायेगा। कहा मैं कौन हूं, मैने भारत में क्याययें जन्म लिया है तथा भारत को स्वर्ग बनाने में मेरी क्या भूमिका है, यह विचार करें। प्रकृति क्या है मेरा प्रकृति से क्या सम्बन्ध है यह भी विचार करें। कहा अपने कर्तव्य का पालन करते हुए मन वचन कर्म से दूसरे के सुख का निर्माण करना होगा, चिन्ता व सुरक्षा करनी होगी यही विचार स्वर्ग है।
            उन्होने कहा यदि संस्थये कर्तव्य बोध को नही समझेगी तो जहार मोदी मिलकर भी भारत को विश्व गुरूनही बना सकते। हमारे शिक्षक अपना पथ भूल गये है, प्रत्येक श्क्षिक साधक बने और चिरित्र सत्य अहिंसा संतोष की साधाना करते हुए अपने शिष्यों को इनकी शिक्षा दे। सीबी रमन, मदन मोहन पालवीय डा0 राधकृष्णन जैसे मनीषी हुये है जो असच्चे अर्थो में गुरू थे। शिक्षक को गंगा बनना होगा और समान दृष्टि, संवेदनशीलता, निरपेक्षता, अनामितता, कर्तव्य पराणयता इन पांच अवधारणाओं को अपनाकर कोई भी शिक्षक गुरू बन सकता है। संगोष्ठी की अध्यक्षता एचबीटीयू के कुलपति डा0 सिंह ने की तथा संचालन डा0 गिरीश मिश्रा ने किया। इस अवसर पर श्यामदत्त जोशी, डा0 ममता तिवारी, उा0 रहेश प्रताप सिंह, आर के सिंह, डा0 दीपा पाठक, भ्वानी भीख, राजाराम दीक्षित, डा0 दिवाकर मिश्र, डा0 शोभा प्रकाश, रामकरण ंिसंह सहित प्राचार्याे में जुहारी से डा0अलका, डा0 श्रीचन्द्र मिश्र, आचार्य  गोपाल दहाल, प्रवीण कुमार, अम्बरीश उपाध्या आदि उपस्थित रहे।

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