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शहर भर में बंदरो का खौफ

कानपुर नगर, हरिओम गुप्ता -  सडकों पर आवारा पशु, घरो, छतों पर बंदरो का उत्पात और इससे शहरवासियों को निजाद नही मिल रही है और इनका खौफ बढता जा रहा है। बीते दिनो शहर में अभियान की शुरूआत करते हुए कैटल कैचिंग दस्तें ने जानवरों को पकडने का काम तो शुरू किया था लेकिन महज गौ वंश ही अभी तक पकडे गये है। यह अभियान आनंदपुरी, किदवई नगर, आर्य नगर, तिलक नगर, भैराघाट सहित कई इलाको में चलाया गया लेकिन अब यह अभियान धीमा पड चुका है और पूरे शहर में अभी भी आवारा जानवर सडकों पर मौजूद है।
             कैटल कैचिंग दस्ते द्वारा सिर्फ गौवंशो को ही पकडा जाता है जबकि सडकों पर सुअर, कुत्ते भी है। पूरे शहर में लाखों की संख्या में सडकों पर आवारा कुत्ते घूम रहे है और इनकी चपेट में सैकडो लोग रोजाना आ रहे है। अस्पतालों का आंकडा यह बताता है कि प्रतिदन दर्जनो के कुत्ते के काटने के आते है। कभी-कभी रैबीज इन्जेक्शन खत्म हो जाते है। वही दूसरी ओर शहर के कई इलाको, सिविल लाइन, बिरहाना रोड, घण्टाघर, किदवई नगर, बाबूपुरवा, तिलक नगर, नवाबगंज आदि क्षेत्रों में बंदरों ने उत्पात मचा रखा है। बंदर घरों में घुसकर उत्पात मचा देते है। पूर्व में कई हादसे भी हो चुके है कई लोग जान गवां चुके है तो कई अस्पाताल तक पहुंचे है लेकिन बंदरो को पकडने या शहर के बाहर करने का भी कोई सार्थक प्रयास नही किया गया। इसी प्रकार कुत्तों से निपटने के लिए इनकी संख्याबल न बढे उस पर प्रयास तो शुरू हुआ लेकिन नतीजा शिफर ही रहा। सडकों पर गाय, सांड या कुत्ता ही नही सुवरो का भी आंतक है। खलासी लाइन, ग्वालटाली, स्वरूप नगर, अशोक नगर, गोविन्द नगर, रामादेवी, गोविन्द नगर, बर्रा सहित दर्जनो क्षेत्रों में सडकों पर सुवर घूमते नजर आ जायेगे। सुवरो के कारण आये दिन दुघर्टनाये होती रहती है। कूडे के ढेर पर सुअर लोटते रहते है। इस परेशानी से पाॅश इलाके भी अछूते नही है और नगर निगम केवल गौवंशो को ही पकड रहा है। समय रहते यदि कुत्तो और बंदरों पर लगाम नही लगाया गया तो स्थिति विकट हो जायेगी।

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