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गंदगी से पटा शहर, नही उठ रहा समय पर कूडा

कानपुर नगर, हरिओम गुप्ता - नगर निगम के अधिकारी शासन की आंखो में सीधे-सीधे धूल झोंक रहे है। अधिकारी लगातार कानपुर को क्लीन कानपुर-ग्रीन कानपुर साबित करने पर तुले है लेकिन स्थिति बिलकुल विपरीत है। लापरवाही लगातार जारी है। कागजो पर सफाई अभियान की खानापूति कर स्वच्दता अभियान की धज्जियां उडायी जा रही है। कानपुर को भले ही स्मार्ट सिटी बनाने का संपना संजोया जा चुका है लेकिन यहां के अधिकारी नही यह नही चाहते और पूरे शहर में गंदगी की स्थिति किसी से छिपी नही है। नगर निगम अमला राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण टीम को आखिर किन क्षेत्रों का सर्वे करवाकर प्रथम आने की अपेक्षा कर रहा है। न तो समय से सफाई हो रही है और न ही कूडे का उठान हो रहा है। वहीं लगातार सडको पर कूडा जलाया जा रहा है।
               जहां एक ओर सफाई के लिए जनता का जागरूक होना और सहयोग करना जरूरी माना जाता है लेकिन विभागयी अधिकारी ही सफाई के प्रति जागरूक नही है। शासन के निर्देशो और स्वच्छ भारत अभियान के बावजूद कानपुर में चारो तरफ गंदगी ही गंदगी फैली हुई है। न तो समय पर नियमित सफाई हो रही है, न कूडा उठाया जा रहा है। किसी भी मोहल्ले, मुख्य रोड पर क्या सफाई अभियान चल रहा है यह आसानी से देखा जा सकता है। ओमपुरवा वार्ड 29 के जखेाडिया कम्पउन्ड स्थित दाल मिल के पास पूरी सडक कूडे के ढेर में विलुप्त हो चुकी है। लोगो की माने तो कभी इस समड पर वाहनो का आवागमन होता था लेकिन निगम कर्मचारियेां और खेत्रीय जनता की नासमझी का परिणाम यह कि सडक कूडे से पटी पडी है और यहां गंदे जानवरो का जमावडा लगा रहात है। वैसे भी शहर मे स्वाइन फ्लू फैल रहा है। क्षेत्रीय निवासी मो0 हनीफ ने बताया कि आस पास के लोग आकर कूडा डाल जाते है और मना करने पर लडने को तैयार हो जाते है। लोगों का कहना है कि नगर निगम को कूडा डालने की हद निर्धारित करनी चाहिये वहीं सफाई कराकर नियमित समय पर कूडे का उठान होना जरूरी है। क्षेत्र में कूडे के डेढ और सफाई न होने के कारण लोगों में आक्रोश है।

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