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पशुचर की जमीनों में तीन दिनों के भीतर अवैध कब्जों को खाली करायें-डीएम

फतेहपुर, शमशाद खान । अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल हेतु गठित जनपद स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक लेते हुए जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि अस्थाई गौशाला का निर्माण कर सिर्फ गायों को रखा जाये। पशुचर की जमीनों पर दबंगों द्वारा किये गये कब्जों को तीन दिनों के भीतर खाली करवाया जाये। गौशाला में ऐसी व्यवस्था की जाये कि दोबारा कार्य न करना पड़े। चारा मशीन को एक सप्ताह में क्रय करें। इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। 
सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि स्थायी गौशालों का पशु चिकित्साधिकारी नियमित निरीक्षण करेंगें और मनरेगा से देखभाल के लिये चैकीदारों की तैनाती की जाये। कहा कि पशु नस्ल सुधार का कार्य किया जाय और अच्छे नस्ल के पशुओं की नीलामी की जाय तथा ब्यौरा भी बनाया जाय। शिवराजपुर गौशाला में सिर्फ नन्दी रखने के निर्देश दियें। उन्होने कहा कि पशुओ की ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी टैगिंग करने के उपरान्त गौशाला में रखा जाय और ग्राम पंचायत में पशुचर की जमीन चिन्हित करके बांस बल्ली से अस्थायी गौशाला का निर्माण किया जाय तथा सिर्फ गायों को ही रखा जाय। उन्होने कहा कि ग्राम पंचायतों में चिन्हित पशुचर की जमीनों पर चारा उगाया जाय। पशुचर की जमीनों पर दबंग लोगो द्वारा कब्जा किये है। उन्हे तीन दिन के अन्दर खाली कराने के निर्देश दियें। जिन गौशाला के लिये धनराशि उपलब्ध करायी गयी है। उसे शासनदेश के तहत व्यय किया जाय और गौशाला के लिये ऐसी व्यवस्था की जाये जिसमें दोबारा कार्य न करना पडे और गौशाला के लिये चारा मशीन एक सप्ताह के अन्दर क्रय की जाय। उन्होने वन विभाग एवं उद्यान विभाग अधिकारी से कहा कि प्लानिंग के तहत सहजन, पीपल, पाखर, बबूल और करौधा आदि के पौधे गौशाला में लगाये जाये। बैठक में उपजिलाधिकारी सदर प्रेम प्रकाश तिवारी, तहसीलदार सदर विदुशी सिंह, खागा चन्द्रशेखर यादव, बिन्दकी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 इन्द्रराज सिंह, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, वन अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी आर0एस0 वर्मा सहित समस्त खण्ड विकास अधिकारी उपस्थित रहें। 

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