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भगवान का दूसरा रूप कहे जाने वाले चिकित्सक को सिद्ध कर रहे डा0 गुप्ता

मरीजों की सेवा के आगे दबाव कतई मंजूर नहीं

फतेहपुर, शमशाद खान । महिला जिला अस्पताल को बहुत अर्से बाद एक ऐसा डाक्टर मिला है जिसकी कार्यशैली से जहां मरीजों को राहत मिल रही है वहीं आये दिन चर्चा में रहने वाले अस्पताल को बदनामी से भी छुटकारा मिलता दिख रहा है। कहते हैं कि डाक्टर भगवान का दूसरा रूप होता है। इसी दूसरे रूप के तौर पर यहां तैनात डा0 पीके गुप्ता मरीजों की सेवा करके भगवान के दूसरे रूप को जमीन पर उतार रहे हैं। बिना किसी लालच के अपने पद की जिम्मेदारी को समझते हुए मरीजों का हरसंभव इलाज देने में शोहरत भी हासिल कर रहे हैं। 
डा0 पीके गुप्ता। 
बताते चलें कि महिला जिला चिकित्सालय में तैनात डा0 पीके गुप्ता अपने पेशे को व्यवसाय न बनाकर आमजन को भगवान के दूसरे रूप में ही स्थापित करके तीमारदार व मरीजों का दिल जीत रहे हैं। अस्पताल में आने वाले हर मरीज व उसके तीमारदार की बस एक ही चाहत रहती है कि वह डा0 गुप्ता से ही अपना उपचार कराये। इन सब शोहरत के बीच डा0 गुप्ता ने बताया कि डाक्टरी एक ऐसा पेशा है जिसे लोग भगवान के दूसरे रूप में देखते हैं। ऐसे में डाक्टर का कर्तव्य बनता है कि वह हर मरीज के साथ ऐसा सभ्य व्यवहार करे कि दवा से अधिक डाक्टर के व्यवहार से उसके मर्ज में कमी आ सके। उन्होने कहा कि अब तक वह जहां-जहां भी तैनात रहे हैं उनका सिर्फ एक और एक ही मकसद रहा है कि मरीज को प्यार से देखकर उसके दर्द को कम किया जा सके। उन्होने कहा कि दवा तो लिखना डाक्टर का काम है लेकिन प्यार और मुहब्बत जाहिर करने से मरीज को जल्दी फायदा मिलता है। उन्होने कहा कि इलाज के लिए अस्पताल के समय के अलावा चैबीस घण्टे उनके द्वार मरीजों के लिए खुले रहते हैं। डा0 पीके गुप्ता का कहना है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में कुछ खामियांे के साथ-साथ दिक्कतें होना स्वाभाविक हैं। लेकिन इसके बावजूद भी वह दिक्कतों को नजर अंदाज करते हुए हरसंभव प्रयास करते हैं कि मरीज का बेहतर इलाज हो सके। डा0 गुप्ता ने यह भी बताया कि पुरानी व्यवस्थाओं के चलते कुछ लोग उन पर दबाव बनाने का भी प्रयास करते हैं। लेकिन वह इन दबावों के आगे अपने पेशे को कतई डिगने नहीं देंगे। 

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