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आरबीएसके ने कराई मासूम की सर्जरी, परिवार में खुशी

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। कटे होठ के कारण फूल सी दिखने वाली मासूम का चेहरा भद्दा और भयानक लगता था। यह स्थिति माता-पिता के साथ अन्य परिवारजन के लिए बहुत ही कष्टकारी थी। परिवार बच्ची के बड़े  होने पर इलाज करवाने का सोच रहे थे, लेकिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) द्वारा निशुल्क इलाज मिलने पर  परिजनो को बेहद खुशी हुई। आरबीएसके की सहायता से बच्ची का कानपुर के अस्पताल में सर्जरी हुई।
पहाडी ब्लाक के पिलखिनी गाँव निवासी मुन्नीलाल की पत्नी राजकुमारी ने दो साल पहले सुंदर सी बेटी को जन्म दिया। जन्म के समय सभी खुश थे। जब मासूम का चेहरा देखा तो परिवारीजन की मुस्कान गायब हो गई, बच्ची का होठ कटा हुआ था। सभी उसके भविष्य को लेकर चिंतित हो उठे। सब के मन में एक ही विचार की आगे चलकर उसका इलाज कराकर चेहरा ठीक कराएंगे। उसका नाम अंतिमा रखा गया। इधर अंतिमा दो साल की पूरी हो गई। इसी दौरान आरबीएसके की टीम गाँव के आंगनबाड केंद्र पर पहुंची। टीम को जानकारी हुई कि एक बच्ची के होठ कटे हैं और इसे लेकर परिवार वाले बहुत परेशान हैं। आरबीएसके टीम प्रभारी डा विनोद सिंह की अगुवाई में टीम मुन्नीलाल के घर पहुंची। डा विनोद के मुताबिक जानकारी देने पर परिवार बच्ची की सर्जरी के लिए तैयार हो गया। इसकी सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा राजेंद्र सिंह को सीएचसी प्रभारी डा धु्रव कुमार के जरिए दी गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा राजेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होने लीलामणि अस्पताल के डा समीर सक्सेना से बात की। इसके बाद परिजनो को मासूम के साथ विभाग की गाडी से कानपुर भेजवाया। वहाँ पर उसकी 30 जुलाई को सफल सर्जरी हुई। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के पहाडी ब्लॉक के प्रभारी डा कमल किशोर ने बताया कि जीरो से 19 साल तक के बच्चो के इलाज के लिए आरबीएसके काम करता है। उन्होंने बताया कि चार तरह के विकार (डिफेक्ट) सहित कुल 39 बीमारियो  के लिए परामर्श के साथ इलाज सरकारी खर्चे पर कराया जाता है। 

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