Recent comments

Latest News

दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने सुनाया आजीवन कारावास

आदिवासी बालिका के साथ दुराचार का मामला

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। नाबालिग आदिवासी बालिका को शादी के नाम पर बरगला कर कई महीनों तक दुराचार करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है। साथ ही एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बीती 29 मई 2017 को बरगढ थाना क्षेत्र के अन्तर्गत अरवारी नौढिया गांव के एक आदिवासी ने बरगढ थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी थी। पुलिस को दी गयी तहरीर में पीड़ित ने बताया कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री से गांव के ही मनोज कुमार पुत्र देवमुनि यादव ने शादी करने के नाम पर बरगला कर अवैध सम्बन्ध बना लिए थे। शादी का झांसा देकर मनोज उसकी पुत्री से बलात्कार करता रहा और उसके पेट में गर्भ ठहर गया। इसके बाद उसने शादी से इंकार कर उसे घर से भगा दिया। इसकी जानकारी मिलने पर वह अपनी लड़की के साथ मनोज के घर गया। जहां उसके परिवार वालों ने गाली गलौच करते हुए मारने की धमकी दी। जिसके बाद वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ घर वापस लौट आया। इस दौरान अभियुक्त के परिजन उसके घर आये और पैसा लेकर लड़की का गर्भ गिरवाने और सुलह करने का दबाव बनाया और इंकार करने पर गांव में न रहने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय मंे आरोप पत्र दाखिल दाखिल किया था। मुकदमें के दौरान पीड़िता ने गर्भस्थ बालिका को भी जन्म दिया था। अपर जिला जज रामलखन सिंह चन्द्रौल ने इस मामले में बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त मनोज कुमार यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी। साथ ही एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड की सम्पूर्ण धनराषि पीड़िता एवं उसकी पुत्री के पुर्नवास के लिए पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने के आदेष दिये गये हैं। 

No comments