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अन्ना जानवर अभी भी बने हैं, किसानों की समस्या

आश्रय स्थल को जल्द पूरा करने के निर्देष

हमीरपुर, महेश अवस्थी । हाईवे में गोवंश के अड्डा जमाने और अन्य सड़कों में घूम रहे जानवरों को देखकर मुख्य विकास अधिकारी राम कुमार सिंह ने सुमेरपुर ब्लाक के खण्ड विकास अधिकारी को लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि इन जानवरों को उनके आश्रय स्थल तक क्यों नहीं भेजा गया है। पंधरी, रैपुरा में बनाये गये अस्थाई आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया, तो वहाँ जानवर कम मिले, बल्कि बड़ी संख्या में प्रमुख मार्गों में अन्ना मवेशी घूमते पाये गये, इसपर ग्राम प्रधान व सचिवों को सख्त निर्देश दिये गये हैं। वीडियो सुमेरपुर से कहा कि
प्रमुख मार्गों में किसी भी दशा में जानवर न मिले, हर हाल में आश्रय स्थलों का निर्माण तेजी से करा लिया जाये और वहाँ इन जानवरों को बन्द किया जाये। ग्राम पंचायत सौंखर में पशुबाड़ा का निर्माण पूरा होने के बाद भी उसमें जानवर नहीं बन्द कराये गये थे। इसपर सचिव को कड़ी फटकार लगाई। उधर इन अन्ना जानवरों के कारण खरीफ की फसल की बुआई करने वाले किसान पछता रहे हैं कि उन्होंने तिलहन की फसल बोई है, जिसे अन्ना जानवर चट किये जा रहे हैं। पिछले साल की तुलना में इस साल 25433 हे0 में खरीफ की फसल की अधिक बोई गई है, मगर अन्ना जानवरों से किसान दुखी हो चुके हैं। उन्हें इनसे निजात नहीं मिल पा रही है। जिलाधिकारी ने अन्ना गोवंश बन्द करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त घोषित की थी, मगर अन्ना गोवंश को ठिकाना न मिलने के कारण उन्होंने सड़कों को स्थाई ठिकाना बना लिया है। सुमेरपुर में हिन्दुस्तान लीवर, झलोखर में, इगोहटा में तो दो किमी तक अन्ना गोवंश सड़क पर कब्जा जामये हैं, जिससे लोगों को तमाम मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर पंकज सचान का कहना है कि जल्द ही गाँव-गाँव अभियान चलाकर इन्हें आश्रय स्थलों में बन्द किया जायेगा। जिला कृषि अधिकारी डाक्टर सरस तिवारी का कहना है कि अन्ना जानवरों से निजात दिलाने के प्रयास किये जा रहे हैं, किसानों में फसल की बुआई के लिये उत्साह दिखा है, इससे खरीफ अभियान के सार्थक परिणाम सामने आयेंगे। पिछले साल से दो गुने क्षेत्रफल में तिलहन का अच्छादन किया गया है, मगर किसान अन्ना मवेशियों से भयभीत हैं।

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