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जनप्रतिनिधि दे रहे झूठे आश्वाशन

पड़ाव चन्दौली, मोतीलाल गुप्ता । क्षेत्र के जलीलपुर गांव के नई बस्ती में आयेदिन बरसात के पानी के साथ नाबदान का बदबूदार पानी ग्रामीणों के घरों में घुसने के साथ साथ अनगिनत संक्रामक बीमारियों को न्योता दे रहा है। बताते चले कि पड़ाव क्षेत्र के राष्ट्रपति द्वारा निर्मल गावँ का दर्जा प्राप्त व पुरष्कृत जलीलपुर गाँव पर शायद ये कहने में किसी को कोई हिचकिचाहट नही होगी कि ये गाँव पड़ाव क्षेत्र के सबसे गंदे गाँव मे इसकी गिनती की जाती है। 
पूर्व में लोकसभा का चुनाव के समय ग्रामीणों ने अपने मतों का बहिष्कार कर लोकसभा चुनाव का विरोध किया था कि नाली नही तो वोट नही का नारे से जिला प्रशासन व ग्रामप्रधान के मुर्दाबाद के नारे लगाए थे । वही जब चुनाव के समय प्रशासन को इसकी जानकारी हुई तो आनन फानन में वैकल्पिक व्यवस्था के अंतर्गत जेसीबी द्वारा कच्चे नाले का निर्माण करा दिया जो कि काफी रिस्की था, क्योकि जेसीबी द्वारा जिस कच्चे नाले को खोदवाया वो तकरीबन साढ़े तीन से चार फीट गहरा खोदा गया जो ग्रामीणों के बच्चे व बुजुर्ग कभी भी गिर के किसी बड़ी दुर्घटना के शिकार हो सकते थे ।
पर ग्रामीणों को क्या पता कि था कि जिस चुनाव का वह बहिष्कार किया, प्रशासन ने जल्दबाजी में जेसीबी से कच्चे नाले का खोद कर ग्रामीणों के अंदर एक विश्वास जगा दिया, कि अब हमारे दुखो का अंत होने वाला है, पर उन ग्रामीणों को क्या पता था कि जैसे ही चुनाव खत्म हुआ वैसे ही फिर वही छल हो गया, जो आज से चार से पाँच वर्सो से यहाँ के जनप्रतिनिधि झूठे आश्वाशन दे कर रहे है। और हफ़्तों से महीने समय बीतता गया और लोगो ने अपने दरवाजे के सामने खोदे गए गड्ढे को पाट दिया, और फिर से जलीलपुर नई बस्ती के ग्रामीण नारकीय  जीवन जीने को विवश है।
वही हमारे केंद्र व राज्य सरकार अपनी उपलब्धियों को गिनाने में कोई कसर नही छोड़ रही । पर उन्ही के पार्टी के नेता व जनप्रतिनिधियों को कई बार इस जलीलपुर नई बस्ती गाँव की समस्याओं से अवगत लिखित व मौखिक रूप से कराया गया है, पर समस्या जस की तस बनी हुई है ।
वही कुछ लोगो ने अपना भला देख अपने गली का पानी उस गली में बहा रहे जो गली नीची है । और बकायदा प्लास्टिक का पाइप लगा कर उस नीचे वाली गली में बहा रहे है, और घरों से निकल रहे गंदे नाबदान का पानी उन लोगों के दरवाजे व उनके घर अंदर तक चला जा रहा है। जिनका गली नीचे हो गई हैं।वही लोगो के एक दूसरे प्रति तनाव का भी माहौल बना हुआ है। 
अब सवाल यह उठता है कि जलीलपुर नई बस्ती जिनकी आबादी लगभग चार सौ है, यह ग्रामीण सिर्फ आस पर जीवन गुजारनी पड़ेगी या इनकी समस्या का भी समाधान होगा ।

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