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मौसमी बुखार ने अस्पताल के वार्डों को कराया फुल

प्रतिदिन एक हजार से अधिक होता पंजीयन 
खान-पान ही बीमारी से बचाव का तरीका-चिकित्सक

फतेहपुर, शमशाद खान । पल-पल में बदलते हुए मौसम ने लोगों को अपनी चपेट में लेते हुए नाना प्रकार की बीमारियों में जकड़ दिया है। मौसमी इस बुखार को चिकित्सकों के मुताबिक वायरल की संज्ञा दी जा रही है। इस बीमारी को संक्रामक बीमारियां भी बताया जा रहा है। वायरल ने अपनी चपेट में परिवार के कई-कई सदस्यों को लपेट दिया है। आम दिनों में छह, सात सौ मरीजों के पंजीयन के स्थान पर इन दिनों एक हजार से ऊपर मरीजों 
ओपीडी में लगी मरीजों की लाइन।  
का पंजीयन आम बात है। मरीजों से अस्पताल के सभी वार्ड खचाखच भरे हुए हैं। मरीजों के साथ रहने वाले तीमारदार अस्पताल की व्यवस्थाओं के लिए समस्या बने हुए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि वायरल बुखार से बचने का सही तरीका खान-पान को संयमित करना ही है। 
बताते चलें कि पिछले काफी समय से मौसम बदलते ही घर-घर बीमारियां उत्पन्न हो गयी हैं। रात में हल्की ठण्डक व दिन में भीषण गर्मी ने मर्ज को बढ़ा रखा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक वायरल ने अपने पांव पसार रखे हैं। एक-एक परिवार में कई-कई सदस्य बुखार, खांसी, जुकाम व सिर दर्द से पीड़ित हैं। एक के ठीक होते ही दूसरा चारपाई पकड़ लेता है। करीब एक महीने से परिवर्तित मौसम के चलते मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि मौसम परिवर्तन से पहले प्रतिदिन लगभग पांच सौ से छह सौ मरीजों का पंजीयन होता रहा है लेकिन बीमारी के चलते अब यह संख्या एक हजार पार पहुंच गयी है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि वायरल फीवर से बचाव का सीधा तरीका खान-पान को संयमित करना है। डाक्टरों का कहना है कि बीमारी से बचने के लिए फ्रिज का अधिक ठण्डे पानी का इस्तेमाल न किया जाये बल्कि पानी को उबाल कर पीना चाहिए। 

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